औरैया। छह साल पुराने अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के एक किशोरी से छेड़छाड़ के मामले में दोषी को कोर्ट ने तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। इस दौरान कोर्ट ने दोषी को 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से भी दंडित किया है। वहीं उलाहना देने पर धमकी देने वाले तीन सह अभियुक्तों को एक-एक साल के कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी अभिषेक मिश्रा, विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने बताया कि अजीतमल कोतवाली में पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि दो अगस्त 2017 की रात लगभग आठ बजे उसकी 15 वर्षीय पुत्री शौच के लिए गांव के बाहर बंबे की पुलिया के पास जा रही थी। तभी गांव में अपने मामा के घर रहने वाले सुरजीत उर्फ चउआ निवासी भवानीपुरा महेवा जिला इटावा ने किशोरी को बुरी नियत से पकड़ लिया और छेड़खानी करने लगा। जब उसने शोर मचाया तो आरोपी उसे छोड़कर खेतों की तरफ भाग गया। वादी ने जब इस घटना की शिकायत आरोपी के मामा सुरेश से की तो वह व उसके दो साथी गाली-गलौज करते हुए मारने को दौड़े। तथा थाने में शिकायत करने पर धमकी दी। यह मामला अजीतमल कोतवाली में चार लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में दर्ज हुआ। तथा शनिवार को कोर्ट ने इस मामले में निर्णय सुनाया।
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने किशोरी के प्रति अपराध करने वाले को कठोर दंड देने की बहस की। वहीं बचाव पक्ष ने सभी को निर्दाेष बताया। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश मनराज सिंह ने छेड़खानी करने के दोषी सुरजीत उर्फ चउआ को तीन साल के कठोर कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। तथा शिकायत करने पर धमकी देने के सह अभियुक्त सुरेश, अरविंद व आशाराम को एक-एक साल के कारावास की सजा से दंडित किया। कोर्ट ने जमा कराई गई अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को अदा करने का भी आदेश दिया।