दिबियापुर। आखिरकार केंद्र सरकार की अमृत-02 योजना के तहत दिबियापुर के नहर पार क्षेत्र में पानी की टंकी बनाने के लिए जगह मिल गई। इसके साथ ही यहां जमीन के समतलीकरण का काम शुरू कराके मिट्टी टेस्टिंग का काम करा लिया गया। अब नहर पार क्षेत्र में भी लोगों को 24 घंटे पेयजलापूर्ति मिल सकेगी। नौ माह से टंकी के लिए जगह न मिल पाने की समस्या संबंधी खबर अमर उजाला ने आठ जनवरी को प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
अमृत-02 योजना के तहत दिबियापुर नगर पंचायत को तीन जोनों में बांटकर 23 सौ किलो लीटर की तीन पानी की टंकी बनाईं जानी हैं। टंकी में पानी भरने के लिए नगर में सात जगह बोरवेल बनने हैं। जबकि 50 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी है। मई 2023 में इसके लिए टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी हुई थी। लगभग 20 माह में काम पूरा होना प्रस्तावित है। टेंडरिंग प्रक्रिया के बाद जोन एक में ककराही बाजार क्षेत्र स्थित रोडवेज बस स्टैंड के पास सात सौ किलो लीटर की पानी की टंकी एवं जोन दो स्थित भगवतीगंज में कांशीराम कालोनी आवासीय परिसर में 11 सौ किलोलीटर की पानी की टंकी का निर्माण शुरू करा दिया गया था, लेकिन जोन तीन में बनने वाली पांच सौ किलो लीटर क्षमता की पानी की टंकी के लिए जगह नहीं मिल पाने के कारण निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा था।
इस समस्या को अमर उजाला ने आठ जनवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। नहर पार क्षेत्र में पानी की टंकी के लिए जगह मिलने से तीन वार्डों राणानगर, पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर, बाबा परमहंस नगर की लगभग आठ हजार की आबादी को भरपूर पेयजल मिल सकेगा। अभी दिबियापुर के 15 वार्डों में रहने वाली लगभग 35 हजार की आबादी को लगभग 40 वर्ष पहले वर्ष 1984 में बनी 650 किलो लीटर क्षमता वाली एकमात्र पानी की टंकी से पेयजलापूर्ति होती है। पुरानी पाइप लाइन होने के कारण अक्सर लीकेज की समस्या रहती है।
रेलवे लाइन पार एवं नहर पार क्षेत्र में भरपूर पानी नहीं मिल पाता है। इस संबंध में क्षेत्रीय लेखपाल जय प्रताप सिंह ने बताया कि उमरी की गाटा संख्या 1142 में पानी की टंकी के निर्माण के लिए जगह दी गई है। जल निगम के अवर अभियंता अजय कुमार सिंह का कहना है कि जगह की उपलब्धता होते ही काम शुरू करा दिया गया है। जमीन के समतलीकरण का काम शुरू करा दिया गया है। साथ ही मिट्टी की टेस्टिंग भी करा ली गई है।