एरवाकटरा। उमरैन कस्बा निवासी सराफा व्यवसायी शकील अहमद के 12 वर्षीय बेटे सुब्हान की अपहरण के बाद हत्या की घटना को करीब ढाई माह बीत चुका है। रविवार को हत्यारोपी की मां कुछ लोगों के साथ आई। इसे देख ग्रामीण जुट गए। तभी एक युवक ने टिप्पणी कर दी। इस पर दोनों पक्षों में गहमा-गहमी हो गई।
उमरैन कस्बा में रविवार सुबह करीब सात बजे खलबली मच गई। बता दें कि करीब ढाई माह पूर्व उमरैन कस्बा के सराफा व्यवसायी शकील अहमद के 12 वर्षीय बेटे सुब्हान के अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। मामले में हत्यारोपी रियाज उर्फ मुन्ना की मां परवीन गुरसहायगंज निवासी अपनी भाभी साईन और भतीजे शमशाद व सलीम के साथ शकील अहमद के घर के सामने स्थित अपने मकान से सामान निकालने पहुंचे थे।
सामान ऑटो में भरने लगे। जिसकी जानकारी होने पर लोगों की भीड़ जुटी। इसी दौरान गहमा-गहमी हो गई। इसी बीच हत्यारोपी की मां के साथ आए युवक ने कुछ टिप्पणी कर दी। जोकि वहां मौजूद लोगों को नागवार गुजरी और हाथापाई होने लगी। देखते ही देखते कस्बा की बीच सड़क पर भीड़ एकत्र हो गई और जाम की स्थिति बन गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाना ले गई। थाना प्रभारी संतप्रकाश पटेल ने बताया कि दोनों पक्षों को थाना लाया गया है। नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।