एरवाकटरा। थाना क्षेत्र के उमरैन कस्बे में 23 मार्च को कस्बा निवासी सर्राफा व्यवसायी शकील अहमद के 12 वर्षीय इकलौते बेटे सुब्हान की घर के सामने रहने वाले रियाज उर्फ मुन्ना ने अपने साथियों के साथ अपहरण कर हत्या कर दी थी।
इसमें आठ हत्यारोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में मास्टर माइंड रियाज उर्फ मुन्ना के बड़े भाई और उसके एक साथी को पुलिस गतिविधियों की सूचना देने के शक में 24 मार्च को हिरासत में लिया था। जिन्हें छठवें दिन शुक्रवार देर शाम को पुलिस ने शांतिभंग में चालान कर दिया।
मृतक के परिजन इस मामले में हत्या के मुख्य आरोपी रियाज उर्फ मुन्ना के बड़े भाई की संलिप्तता का आरोप लगा रहे हैं। उनका आरोप है कि पुलिस की ओर से दोनों आरोपियों सलमान व तारिक को छोड़े जाने से उन्हें व उनके परिवार को खतरा हो गया है। इससे पूरा परिवार दहशत में है। वहीं पुलिस कोई साक्ष्य न होने की बात कहकर घटना में उसकी संलिप्तता से इन्कार कर रही है।
थाना प्रभारी संत प्रकाश पटेल ने बताया कि मामले में रियाज उर्फ मुन्ना के बड़े भाई सलमान और तारिक से पूछताछ के बाद उनके खिलाफ कोई साक्ष्य न मिलने के कारण शांतिभंग में चालान किया गया है। संवाद