औरैया। दिन में चिलचिलाती धूप और 40 डिग्री से ऊपर तापमान होने का सीधा प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने लगा है। त्वचा, पेट संबंधी बीमारियों के साथ धूप की तपिश और लू के थपेड़ों ने हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीज पहुंचने लगे हैं। सोमवार को सुबह बदली रही, दोपहर बाद पारा चढ़ा तो तापमान 40 डिग्री के ऊपर पहुंच गया। धूप और लू का बचाव न करने से बुखार, उल्टी, सिरदर्द, बेहोशी जैसी समस्याओं को लेकर लोग अस्पताल पहुंचे। 100 शैया जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि यदि तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाए तो शरीर को तापमान के अनुरूप ढालने में दिक्कत होती है। इसके चलते अधिक देर धूप में रहने के कारण हीट स्ट्रोक की आशंका रहती है। लापरवाही बरतने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है। गर्मी बढ़ने के साथ अस्पताल में मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। बुधवार को ओपीडी में करीब 530 मरीज आए। जिसमें 30 से 40 मरीज ऐसे आ रहे हैं, जिन्हें हीट स्ट्रोक के लक्षण मिल रहे हैं। पांच से छह मरीजों को भर्ती करना पड़ा। हीट स्ट्रोक के कारण : तेज गर्मी का अहसास और बेचैनी। अधिक तापमान के कारण बेहोशी छाना। बार-बार प्यास लगना। चेहरा लाल, सिरदर्द, जी मचलना और उल्टियां आना। हीट स्ट्रोक में क्या करें : दवा लेने के साथ ही आराम करें। बुखार चाहे कितना भी तेज हो, पानी का सेवन कम न करें। बिना किसी डॉक्टर को दिखाए दवा का सेवन न करें, इससे समस्या बढ़ सकती है।