संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। शहर में पिछले दो साल से सीवरेज, कचरा निस्तारण, जलभराव जैसी प्रमुख समस्याओं पर शासन की अनदेखी के चलते विकास परक योजनाएं धरातल पर नहीं उतर पा रहीं हैं। जबकि कई योजनाओं का प्रस्ताव भी पास हो चुका है। कुछ में बजट की स्वीकृति भी मिल गई है। बावजूद इसके धरातल पर काम नजर नहीं आ रहा है। जिससे नगर निकाय क्षेत्र में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। ऐसे में शहरी लोगों को शासन की इनायत भरी नजर का इंतजार है।
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केस-1
शहर में जल निकासी का प्रबंध नहीं है। हर बार बारिश के दिनों में शहर की प्रमुख सड़कें जहां पानी में डूब जातीं हैं, वहीं जल निकासी न होने से कई-कई घंटे तक पानी निकल नहीं पाता है। इस समस्या के निदान को लगभग दो साल पहले जल निगम की ओर से लगभग 24 करोड़ बजट के नाला निर्माण का प्रस्ताव शासन को स्वीकृति के लिए भेजा गया था, लेकिन आज तक उस पर स्वीकृति न मिलने से शहर की इस समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है।
केस-2
पिछले 40 सालों से शहर के लोग सीवरेज समस्या से जूझ रहे हैं। चार दशक पूर्व शहर के प्रमुख मार्गों में अंडरग्राउंड पड़ी सीवर लाइन के चोक हो जाने के बाद से लोग इस समस्या से दो चार हो रहे हैं। इसके निदान के लिए जल निगम की ओर से लगभग 15 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था, जिसे लगभग एक साल बीतने को है, अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है।
केस-3
शहर में इटावा रोड पर स्थित सत्ती तालाब को विकसित किया जाना था। लगभग नौ एकड़ के इस तालाब पर अमृत 0.2 के तहत अमृत सरोबर बनाए जाने के लिए लगभग 10 माह पूर्व सवा तीन करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। जिसे स्वीकृति का इंतजार है। इस योजना के फलीभूत होने से शहर के लोगों को शहर के बीचों बीच एक पिकनिक स्पॉट के रूप में घूमने के लिए स्थान उपलब्ध हो जाएगा। इससे खासकर छोटे बच्चों को भरपूर आनंद मिल सकेगा। वहीं गंदगी से निजात मिलेगी।
केस-4
शहर के कचरे के निस्तारण को जालौन रोड पर एमआरएफ सेंटर बनाए जाने को शासन से लगभग एक साल पहले 33 लाख रुपये का बजट जारी किया जा चुका है। इस बजट से पौने तीन हेक्टेयर जमीन पर मैटेरियल रिकवरी फेसिलिटी सेंटर बनाए जाने को तहसील प्रशासन ने पालिका प्रशासन को जमीन भी हस्तांतरित कर दी, लेकिन अभी तक न तो टेंडर हो सका और न ही निर्माण शुरू हो सका। जिससे कचरा निस्तारण की समस्या बनी हुई है।
शहर के विकास की इन योजनाओं पर शासन से स्वीकृति मिलनी है। सभी फाइलें शासन में लंबित हैं। स्वीकृति मिलते ही संबंधित कार्यदायी संस्थाएं अपना काम शुरू कर देंगी। वहीं एमआरएफ सेंटर निर्माण के लिए जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके उपरांत निर्माण शुरू कराया जाएगा।
- रामआसरे कमल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, औरैया।