संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। 50 शैया जिला अस्पताल में अब शीघ्र ही ब्लड बैंक खुलेगा। बैंक के संचालन में रोड़ा बन रहे ऑटोमेटिक जेनरेटर व तीन एसी की समस्या को निस्तारित कर लिया गया है। अब जिलेभर के मरीजों को ब्लड की कमी की वजह से रेफर नहीं करना पड़ेगा।
शहर स्थित 50 शैया जिला अस्पताल में वर्षों से ब्लड बैंक के संचालन का सपना देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के लिए कहीं न कहीं ब्लड बैंक का संचालन चुनौतीपूर्ण रहा है। जनवरी माह में ड्रग इंस्पेक्टर के साथ सीएमओ डॉ. सुनील कुमार वर्मा के निरीक्षण में ब्लड बैंक के लाइसेंस मानकों को जांचा गया था।
इसमें कमी के तौर पर महज ऑटोमेटिक जेनरेटर व तीन एसी की कमी पाई गई थी। डीप फ्रीजर से लेकर अन्य इंतजाम पुख्ता कर लिए गए थे। अब शेष बचे एसी व जेनरेटर को लेकर रणनीति बनाई गई है। इसके लिए जिला अस्पताल में उपलब्ध जेनरेटर में ही मशीन को लगवाकर इसे ऑटोजेनरेट बनाया जाएगा।
इसके अलावा सीएमओ ने तीन एसी दिलाए जाने का आश्वासन सीएमएस को दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो एक सप्ताह में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ब्लड बैंक के सर्वे को लेकर टीम को बुलाया जाएगा।
ब्लड बैंक खुलने पर कम होंगे रेफरल केस
जिले में सात सीएचसी(सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) दो जिला अस्पताल(50-100 शैया) समेत 27 पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) है। इसमें जच्चा-बच्चा के क्रिटिकल केस से लेकर मार्ग दुर्घटनाओं के ज्यादातर केस सैफई रेफर किए जाते हैं। इन मामलों में ब्लड बैंक की कमी कहीं न कहीं आड़े आती है। 50 शैया जिला अस्पताल से रोजाना 10 केस रेफर होते हैं। अन्य अस्पतालों के मामले बहुतायत में होंगे। ब्लड बैंक खुलने से रेफरल केस में कमी आएगी। साथ ही सिजेरियन डिलीवरी के अलावा अन्य बड़े ऑपरेशन के शुरू होने की संभावना जागी है।
बोले जिम्मेदार-
अस्पताल में उपलब्ध जनरेटर में मशीन लगवाते हुए उसे ऑटो आपरेट किया जाएगा। सीएमओ की ओर से तीन एसी दिलाए जाने का आश्वासन दिया गया है। जल्द ही दोनों कमी को पूरा करते हुए ब्लड बैंक के लाइसेंस को लेकर सर्वे करवाया जाएगा।
- डॉ. मंजू सचान, सीएमएस 50 शैया जिला अस्पताल