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Auraiya News: नाम के लिए जिले में है बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं

Thu, 01 Jun 2023 11:25 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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औरैया। जिले की स्वास्थ्य सेवाएं कहने मात्र के लिए बेहतर साबित हो रही है। कई परियोजनाएं संसाधन और स्टाफ की कमी के चलते आज तक संचालित नहीं हो सकी है। स्वास्थ्य महकमा तमाम कमियों से जूझ रहा है। यही कारण है कि लोगों को बेहतर सुविधाएं पाने के लिए गैर जनपदों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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आज जिले में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का दौरा है। उनके पास स्वास्थ्य मंत्रालय की कमान भी है। ऐसे में स्वास्थ्य मकहमे के साथ जिले के लोगों को उनसे काफी उम्मीदें हैं। उन्हें आस है कि उनकी सालों से बदहाल पड़ी स्वास्थ्य सेवाओं पर नजरे पड़े तो इनके दिन बहुर सकते हैं। ट्रामा सेंटर, नेत्र चिकित्सालय, डायलिसिस यूनिट, मातृ शिशु अस्पताल जैसे कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं कागजों में सिमट कर रह गई हैं। कहने को जिले में दो जिला अस्पताल हैं, मगर सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है। 50 शैया अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, ब्लड बैंक का संचालन नहीं हो रहा है। सबसे अधिक मरीज यहां आते हैं मगर सुविधाओं का टोटा होने पर रेफर कर दिए जाते हैं। शहर का 50 शैया व 100 शैया अस्पताल डॉक्टरों व स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। अफसर पत्राचार किए जाने की बात कहते हैं, मगर आज तक समस्याएं दूर नहीं हुईं।
इन विशेषज्ञों की अस्पतालों में जरूरत
जिला अस्पताल में विशेष चिकित्सकों के साथ काफी स्टाफ की कमी है। जिसमें 100 शैया युक्त जिला अस्पताल में दो फिजीशियन, एक स्किन/एसटीडी, एक निश्चेतक, दो जनरल सर्जन, एक आर्थोपेडिक सर्जन, एक ईएनटी सर्जन, तीन ईएमओ, चिकित्साधिकारी (कॉर्डियोलॉजिस्ट) व चिकित्साधिकारी (पैथोलॉजिस्ट) के पद रिक्त है। महिला विभाग में चिकित्सा अधीक्षक, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, दो ईएमओ, दो निश्चेतक, चिकित्साधिकारी (कॉर्डियोलॉजिस्ट), चिकित्साधिकारी (पैथोलॉजिस्ट) व दो वरिष्ठ स्त्री रोग परामर्शदाता के पद खाली है। महिला एवं बाल चिकित्सालय में चिकित्सा अधीक्षक, तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ, तीन बाल रोग विशेषज्ञ, तीन निश्चेतक, छह ईएमओ, चिकित्साधिकारी (कॉर्डियोलॉजिस्ट) व चिकित्साधिकारी (पैथोलॉजिस्ट) पद रिक्त है। वहीं 50 शैया युक्त जिला अस्पताल में इमरजेंसी मेडिकल अफसर, स्टाफ नर्स, ऑक्सीजन प्लांट ऑपरेटर, ब्लड बैंक के लिए काउंसलर, कंप्यूटर ऑपरेटर।
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प्राचार्य ने सीएमएस के साथ देखीं व्यवस्थाएं
100 शैया अस्पताल में डिप्टी सीएम के निरीक्षण को लेकर गुरुवार को ओपीडी में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी गईं। सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव व मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. अरविद कुशवाहा ने डॉक्टरों को सभी विंग को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। प्राचार्य ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड, जनरल वार्ड, ओपीडी, सीटी स्कैन कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष, एसएनसीयू, महिला वार्ड में पहुंच कर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराईं। परिसर में साफ सफाई का दौर चलता रहा। देर शाम तक अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्थाएं दुरुस्त कीं। हालांकि यहां पर सुविधाएं पहले से बेहतर है। इधर अधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज में चल रहे निर्माण का जायजा लिया। सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने भी अस्पताल पहुंच निरीक्षण किया।
पांच साल से शोपीस बना महिला एवं बाल चिकित्सालय का भवन
जिले के चिचौली स्थित 100 शैया युक्त अस्पताल में महिला एवं बाल चिकित्सालय संचालन नहीं हो रहा है। लाखों के कीमती उपकरण व बेड धूल फांक रहे हैं। अस्पताल का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक मार्च 2019 को किया था। इसके संचालन के लिए शासन स्तर पर मार्च 2018 में हिंदुस्तान लेटेक्स फैमिली प्लानिंग प्रमोशन ट्रस्ट (एचएलएफपीपीटी) के साथ स्वास्थ्य विभाग ने अनुबंध किया था। जिसमें ट्रस्ट के अधिकारियों ने अस्पताल संचालित होने पर आने वाले जच्चा-बच्चा को सभी चिकित्सीय सुविधाएं सरकारी अस्पताल की तर्ज पर ही निशुल्क प्रदान कराए जाने की व्यवस्था उपलब्ध होना बताया गया था। एमसीएच विंग में चार स्टाफ नर्सों व दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की तैनाती है। किसी भी डॉक्टर की तैनाती न होने से संचालन नहीं हो सका है। अब इसे मेडिकल कॉलेज से संबद्ध कर लिया गया है। कोरोना काल में इस भवन का कोविड हास्पिटल के रूप में इस्तेमाल किया गया।
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