बिधूना।
मौसम बदलने से खासी जुकाम के साथ वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में वृद्धि होने लगी है। शनिवार को अस्पताल में 398 मरीज इलाज कराने के लिए ओपीडी में पहुंचे। इनमें से कई को तेज बुखार होने व हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने भर्ती कर इलाज किया। काफी संख्या में मरीजों की जांच कराई गई। दो दिन की बारिश के बाद संक्रामक बीमारी ने पैर पसारने शुरू किए हैं।
शनिवार को सीएचसी बिधूना में वायरल फीवर, खांसी जुकाम, उल्टी दस्त से ग्रसित मरीजों की संख्या अधिक रही। ओपीडी में मरीजों को देख रहे डॉ. आरजी मिश्रा ने बताया कि पिछले कुछ दिन से बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इनमें काफी मरीज खांसी जुकाम के हैं। वायरल से ग्रसित मरीजों की मलेरिया व लक्षण दिखने पर डेंगू की जांच कराई जा रही है।
डाॅ. मनीष त्रिपाठी ने बताया कि बदलते मौसम के कारण वायरल फीवर के मरीज अधिक आ रहे हैं। उन्होंने शनिवार को कई मरीजों को कुछ देर के लिए भर्ती कर इलाज किया। आराम मिलने पर उनकी छुट्टी भी कर दी। बताया कि इस मौसम में ठंडा पानी न पीएं, खुले आसमान में न लेटें। बुखार आने पर बिना देरी किए अस्पताल में डॉक्टर से सलाह लेकर दवा लें। बताया कि ऐसे मौसम में बच्चों को कोल्ड निमोनिया जैसी बीमारी हो रही है।
सीएचसी अधीक्षक डाॅ. अभिचल पांडेय ने बताया कि अस्पताल आने वाले मरीजों का नियमित जांच कराने के बाद दवा दी जा रही है। जिन मरीजों में मलेरिया, डेंगू के लक्षण मिल रहे हैं उनकी खून की जांच भी कराई जा रही है। जिससे समय रहते मर्ज के अनुसार बेहतर इलाज किया जा सके। शनिवार को कुछ मरीज बुखार होने पर भर्ती किए गए थे। जिन्हें आराम मिलने पर छुट्टी कर घर भेज दिया गया।
नेत्र परीक्षण अधिकारी न होने पर परेशान रहे मरीज
बिधूना।
नेत्र चिकित्सालय की ओपीडी नेत्र परीक्षण अधिकारी के सहारे चल रही है। उनके किसी काम से बाहर जाने पर मरीजों को परेशानी होती है। शनिवार को दोपहर एक बजे के करीब डाक्टर राम मनोहर लोहिया नेत्र चिकित्सालय में कैथावा रायपुर निवासी रेखा व उनकी बेटी रोशनी इलाज के लिए पहुंची। यहां पर कोई नहीं मिला। वहीं कई अन्य मरीज भी इंतजार करते नजर आए। काफी देर इंतजार करने के बाद लौट गई।