फफूंद। प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट जल जीवन मिशन के कार्य में उपयोग हो रही सामग्री में मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जिसकी बानगी कुठर्रा गांव में बन रही पानी की टंकी परिसर में देखने को मिली।
डेढ़ माह पहले ही बनाई गई बाउंड्रीवॉल पिछले दिनों हुई पहली बारिश में गिर गई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने निर्माण कराने वाली कंपनी और ठेकेदार पर घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग करने का आरोप लगाया। इस मामले में ग्राम प्रधान ने प्रधानमंत्री को शिकायती पत्र भेजा।
ब्लॉक भाग्यनगर की ग्राम पंचायत सेहुदपुर के गांव कुठर्रा में जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी का निर्माण किया जा रहा है। ठेकेदार द्वारा टंकी परिसर के चारों ओर बाउंड्रीवॉल का डेढ़ माह पहले निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके निर्माण में मानक की धज्जियां उड़ाते हुए बहुत घटिया सामग्री लगाई गई। पिछले दिनों हुई बारिश से बाउंड्री का काफी हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा।
ग्रामीण संजय सिंह, शिव कुमार, सतीश, जितेंद्र सिंह, राजकुमार, ब्रजेश, रणवीर सिंह ने बताया की कार्यदायी संस्था की मिलीभगत से काम करा रहे ठेकेदार ने बाउंड्री के निर्माण में एक चार की बजाय एक 12 का मसाला लगाया, घटिया ईंटों का इस्तेमाल भी किया। जिससे बाउंड्री डेढ़ माह भी नहीं चल पाई और गिर गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंप हाउस कमरे के निर्माण में भी घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। अधिकारी सब कुछ जानते हैं, लेकिन मोटा कमीशन खाकर खामोश हैं। ग्राम प्रधान अवनीश सिंह ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर निर्माण की जांच कराने की मांग की है।