संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। शहर की कृषि उत्पादन मंडी समिति में साफ-सफाई को लेकर खासी अव्यवस्था बनी हुई है। टेंडर प्रक्रिया हो जाने के एक बाद भी नाले चोक पड़े हैं, सड़कें कीचड़ से पटी पड़ी हैं। जिससे आढ़तियों को परेशानी हो रही है। वहीं अन्ना मवेशी जमा अनाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिससे आढ़तियों में मंडी प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
शहर की गल्ला मंडी में साफ-सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया एक माह पहले कराई गई थी। इससे आढ़तियों को उम्मीद जगी थी कि जल्द ही साफ सफाई की व्यवस्था दुरुस्त होगी। साथ ही जलभराव, गंदगी के साथ अन्ना मवेशियों से निजात मिलेगी। मगर परेशानी कम नहीं हुई। आज भी चारो तरफ गंदगी व जलभराव है। दुर्गंध से आढ़तियों को परेशानी हो रही है। गंदगी व कीचड़ होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। महीनों से अव्यवस्था हावी होने के कारण फड़ पर आढ़ती गल्ला नहीं रख पा रहे हैं। इससे व्यापार भी असर पड़ा है। वहीं मंडी आने वाले किसान भी अन्ना मवेशियों व गंदगी के कारण किनारा करने लगे हैं। मंडी प्रशासन के रवैये को लेकर आढ़तियों ने जल्द व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने की मांग की है।
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फोटो31एयूआरपी 09- जसोदा पुरवार
आढ़ती जसोदा पुरवार कहते हैं कि उनकी आढ़त के सामने कई दिनों से कीचड़ व जलभराव है। जिससे व्यापार करने में परेशानी हो रही है। कोई भी जिंस खरीदने के बाद उसे कहां एकत्रित कराया जाए, यह समस्या बनी हुई है। इधर दीवारें टूटी होने के कारण मवेशियों का झुंड परिसर में डेरा जमाए रहता है। इससे समस्या आैर बढ़ गई है।
फोटो31एयूआरपी 10- विजयकांत
गल्ला मंडी में साफ-सफाई के नाम पर सफाई ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा नालों की मिट्टी तो निकाल दी गई लेकिन अधिकांश पुलिया चोक पड़ी हुई हैं। जिससे गंदा पानी आगे ही नहीं निकल पा रहा है। इससे एक ही जगह पर गंदा पानी भरे होने से मच्छरों और सडांध के कारण आढ़त पर अंदर बैठना मुश्किल बना हुआ है। वहीं आवारा मवेशी आए दिन खाद्यान्न भरी बोरियों को फाड़ कर नुकसान कर रहे हैं।
गल्ला मंडी की साफ-सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद सफाई का काम शुरू करवा दिया गया है। पूरी मंडी की नालियां गंदगी से पटी हुई थी। उनको धीरे-धीरे खुलवाया जा रहा है। थोड़ा समय लगेगा लेकिन सफाई अच्छी तरह से कराई जा रही है। वहीं आवारा जानवर मंडी की चाहरदीवारी टूटी होने के कारण दिन भर अंदर घुस आते हैं। चाहरदीवारी दुरुस्त कराए जाने को उच्चाधिकारियाें को पत्र लिखकर बजट की मांग की गई है। बजट मिलते ही चाहरदीवारी की मरम्मत करा दी जाएगी। जिससे आवारा मवेशियों से निजात मिल सके। - अरुण कुमार, मंडी सचिव, औरैया।