दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव मड़नई में मंगलवार दोपहर दो बजे के करीब तेज बारिश के साथ गरज चमक शुरू हो गई। इसी बीच खेत किनारे पेड़ के नीचे खड़े एक किशोर व एक युवक के ऊपर बिजली आ गिरी। इससे दोनों बुरी तरह झुलस गए। खेत पर मौजूद परिजन दोनों को लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने किशोर को मृत घोषित कर दिया।
मधवापुर ग्राम पंचायत के मजरा मड़नई गांव निवासी गुड्डू सिंह साझे पर खेत लेकर परिवार का भरण-पोषण करता है। मंगलवार दोपहर बारिश से पहले वह अपने खेत मालिक प्रवीण के साथ खेत की जुताई करने के लिए बेटे चंदन (13) के साथ पहुंचा था। ट्रैक्टर पर बैठकर गुड्डू खेत की जुताई करा रहा था।
प्रवीण व चंदन खेत किनारे पेड़ के नीचे खड़े थे। इसी बीच गरज-चमक के साथ बिजली पेड़ पर गिरी। जिसकी चपेट में आकर चंदन व प्रवीण बुरी तरह से झुलस गए। चीख-पुकार होने पर जुताई करा रहे गुड्डू व अन्य श्रमिकों ने दौड़ते हुए दोनों को संभाला। दोनों को परिजन लेकर चिचौली जिला अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने चंदन को मृत घोषित कर दिया। प्रवीण का चिचौली जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। उधर घटना को लेकर कंचौसी इंचार्ज अवनीश कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। परिजन से पूछताछ करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों ने घटना की जानकारी बिधूना तहसील प्रशासन को दी है।
खुले में होते तो बच सकते थे दोनों
बिजली गिरने की घटनाओं में अक्सर पेड़, बिजली पोल व मकान सहारा बनते हैं। बिजली गिरने का अंदेशा होने पर स्वयं को सुरक्षित करने के खुल में जाकर जमीन पर लेट जाना चाहिए। मड़नई में हुई घटना में किशोर व युवक पेड़ के नीचे खड़े थे। यहां गरज चमक होने पर दोनों पेड़ से दूरी बनाते तो घटना से बच सकते थे।
घर से बाहर खुद को कैसें रखें सुरक्षित
प्रवाहकीय सामग्री (कंडक्टिव मटेरियल) से दूर रहें। ऊंची संरचनाओं (खंभे, पेड़, छत, मचान) से दूर रहें। दोपहिया वाहन से दूर रहें। ये वाहन बिजली को आकर्षित कर सकते हैं। पानी से दूर रहें। पानी बिजली को आकर्षित करता है। यदि आप सड़क पर हैं, लेकिन सुरक्षित स्थल में नहीं जा सकते हो, तो कोई ऐसी गाड़ी जिसकी छत मजबूत हो, सुरक्षित स्थल हो सकता है।
इस बात का भी रखें ध्यान
यदि आप ऊंचाई वाले खुले स्थान में घिर गए हैं, तो निचले स्थल की तरफ चले जाना चाहिए। यदि आपको बिजली चमकने के 10 सेकंड के बाद गर्जन सुनाई देती है, तो इसका मतलब है कि वो आपसे तीन किमी दूर है। तत्काल ही सुरक्षित जगह ढूंढें। गर्जन सुनने के बाद 30 मिनट तक सुरक्षित स्थल पर रहें। यदि समूह में हैं, तो अलग-अलग खड़े हो जाएं।