फफूंद। गांव दौलतपुर निवासी अमजद खान की पत्नी नाजिमा ने देर रात खाना बताया था। परिवार के सभी सदस्यों के भोजन करने के बाद वे सोने चले गए। देर रात उनकी 14 वर्षीय बेटी पलक को अचानक बेचैनी होने लगी और उसे दो बार उल्टी हुई। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन ने गांव के ही एक निजी चिकित्सक को बुलाया, जिन्होंने किशोरी को मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी। परिजन उसे मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका तीन बहनों में सबसे बड़ी थी। उसकी दो छोटी बहनें इनाया (10) और अनम (6) हैं। घटना के बाद से परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, परिजन ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया है। (संवाद)