इस मौके पर पालिकाध्यक्षा नरेंद्र कौर ने कहा कि महायज्ञ शहर में आध्यात्मिक चेतना लाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन से लोगों में धार्मिक आस्था बढ़ती है। कलश यात्रा शहर के काली मंदिर, आवास विकास, कानपुर रोड, सुभाष चौराहा, संकट मोचन, गुमटी मोहाल, सदर बाजार होकर गोपाल वाटिका में समाप्त हुई। कलश यात्रा में में सबसे पहले पीतवस्त्रधारी महिलाएं सिर पर कलश रखकर चल रही थी। महायज्ञ के आयोजक भूपेेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि तीन दिनाें तक चौबीस कुंडीय महायज्ञ होगी इसके साथ ही सायंकाल संगीतमयी प्रज्ञा प्रवचन का भी आयोजन होगा। वहीं आज पूरे शहर के प्रज्ञा प्रवचन के गूंज सुनाई देती रही। इस मौके पर डा. हरीबाबू गुप्ता, प्रदीप पोरवाल, मालती शर्मा, विनोद अवस्थी, रामेश्वर, जगमोहन, रमेश कुमार आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।