औरैया। जनपद में 15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक सरसों की बुआई होती है। इस बार सितंबर में लगातार हुई बारिश के चलते सरसों की बुआई अभी तक न के बराबर हुई है। इस सब के बीच दोपहर का बढ़ा तापमान भी बुआई को प्रभावित करने वाला है। ऐसे में कृषि वैज्ञानिक शाम चार बजे के बाद सरसों की बुआई करने की सलाह दे रहे हैं।
इस बार औसत बारिश 794 मिमी हुई है। सितंबर में ही 274.7 मिमी बारिश होने से पूरा माह फसलें प्रभावित हुई। जनपद में सरसों की फसल का रकबा लगभग 15 हजार हेक्टेयर के करीब है। दोपहर का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार रह रहा है। कृषि वैज्ञानिकों की माने तो सरसों के बीज में तेल होता है। बीज के अंकुरण के लिए 28 डिग्री सेल्सियस तक तापमान चाहिए। इससे अधिक तापमान होने पर तेल की अधिकता के चलते सरसों का बीज गर्म हो जाता है। ऐसे में अंकुरण नहीं होता है। दोपहर के समय सरसों की बुआई करने पर बीज का जमाव नहीं होता है। किसानों को शाम चार बजे के बाद सरसों की बुआई की सलाह दी जा रही है।
दोपहर में सरसों की बुआई करने से किसान बचें। शाम चार बजे के बाद सरसों की बुआई करें। दोपहर के समय अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है। ऐसे में बीज का अंकुरण नहीं होगा। बीज व्यर्थ न जाए इसे लेकर शाम के समय बुआई ही ठीक रहेगी।
-अनंत कुमार, कृषि वैज्ञानिक