यमुना पुल पर चेकिंग करती पुलिस
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राजवीर हत्याकांड के मामले में एक बार फिर से अन्य जिलों से क्षत्रिय समाज के लोग आने की सुगबुगाहट लगते ही शुक्रवार को शहर के जालौन चौराहे से लेकर यमुना पुल तक पुलिस फोर्स तैनात रहा। कोई अनहोनी घटना न हो, इसके चलते पुलिस पूरे दिन सक्रिय दिखाई पड़ी। मामले की गंभीरता को लेते हुए अन्य थानों की पुलिस भी शहर में बुलाई गई थी।
विगत 15 फरवरी 2016 को जरूहौलिया निवासी प्रधानपति राजवीर हत्याकांड के मामले में पांच दिन पहले एसपी आवास पर तोड़फोड़ का मामला हो चुका है। नामजद शेष हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न होने को लेकर क्षत्रिय समाज ने आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। शुक्रवार को कोतवाली पुलिस को जालौन, झांसी, कानपुर समेत अन्य जनपदों से प्रदर्शनकारियों के आने की सुगबुगाहट लगी। जैसे ही आंदोलनकारियों के आने की सूचना पुलिस के कानों तक पहुंची, वैसे ही उच्चाधिकारियों समेत जिले की पुलिस सक्रिय हो गई।
शहर के जालौन चौराहे के पास सुबह से ही सीओ सिटी सुभाष अत्री, अजीतमल कोतवाली प्रभारी अजय पाठक, दिबियापुर एसओ अखिलेश मिश्रा, औरैया कोतवाली प्रभारी नन्हेलाल यादव के अलावा अन्य थानों का पुलिस फोर्स तैनात दिया। इसके अलावा जालौन रोड यमुना पुल पर महिला एसओ के अलावा अन्य पुलिस फोर्स तैनात रहा। पुलिस पल-पल की खबर जानने के लिए व्याकुल दिखी। इस संबंध में एएसपी विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तलाशी एवं अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। राजवीर हत्याकांड से जुड़े मामले के कारण पुलिस फोर्स तैनात नहीं किया गया था।