चार आगस्त के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद
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औरैया। बिधूना ब्लाक के गपचरियापुर में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय प्रधानाध्यापक के बीमार होने के कारण नए शैक्षिक सत्र से ही बंद चल रहा था। स्कूल में किसी शिक्षक की तैनाती नहीं की गई थी। इस वजह से न तो प्रवेश हुए और न ही ही बच्चे पढ़ने आ सके। मामला संज्ञान में आने के बाद एक शिक्षक, एक अनुदेशक की तैनाती कर सात बच्चों के नए प्रवेश कराए गए। अब स्कूल में 31 बच्चे हैं और पढ़ाई शुरू हो गई है।
गपचरियापुर का पूर्व माध्यमिक विद्यालय प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार के बीमार होने के कारण 20 जून से बंद चल रहा था। स्कूल बंद होने की जानकारी भी किसी ने उच्चाधिकारियों को नहीं दी। यही कारण रहा कि गांव के कई बच्चों के अभिभावकों ने दूसरों गांव या फिर बिधूना के स्कूलों में प्रवेश करा दिया। इधर, डेढ़ माह से स्कूल बंद रहने की खबर अमर उजाला ने दो अगस्त व चार अगस्त के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की।
मामला संज्ञान में आने के बाद बीएसए ने कार्रवाई करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी व शिक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया और शिक्षक बाबूराम समेत एक अनुदेशक की तैनाती की। स्कूल तो चार अगस्त से खुल गया, लेकिन बच्चे नहीं आ रहे थे। इस पर बीएसए ने गांव के लोगों का सहयोग लिया और बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की।
अब स्कूल में सात नए बच्चों का प्रवेश हो गया और पूर्व में पंजीकृत 24 बच्चे भी स्कूल आने लगे हैं। स्कूल में तैनात शिक्षक बाबूराम ने बताया कि लगातार बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है। बीएसए विपिन कुमार ने बताया कि शिक्षकों को छात्र संख्या बढ़ाने के साथ डीबीटी का काम भी जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे बच्चों की बेहतर ढंग से पढ़ाई हो।
दो अगस्त के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद- फोटो : AURAIYA
स्कूल में बच्चों को पढ़ाते शिक्षक बाबूराम। संवाद- फोटो : AURAIYA