दिबियापुर। अपने आप को किसी से भी कम न आंको, किसी भी विपरीत परिस्थिति में स्वयं को साबित करके आगे बढ़ो। बेटियों को पढ़ाई के साथ आत्मरक्षा के गुर भी सीखने चाहिए। बुधवार को ये बातें अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले औरैया रोड स्थित संत विवेकानंद पब्लिक स्कूल में आयोजित आत्मरक्षा प्रशिक्षण में ट्रेनर ऋतु चंदेरिया ने कहीं।
ऋतु ने 100 से अधिक छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। उन्हें आत्मरक्षा के लिए पंच मारना, कराटे की कई बारीकियां बताते हुए अचानक होने वाले हमले से कैसे बचा जाए इसके बारे में जानकारी दी। कहा कि बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने और आत्मरक्षा के लिए स्वयं को शारीरिक और मानसिक तौर पर तैयार करना चाहिए। अपनी साथी छात्राओं के साथ आत्मरक्षा के तरीके सीखने और प्रयोग करने चाहिए।
हमें विपरीत परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करना चाहिए। ऋतु लगातार प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखातीं हैं। वह बड़ी संख्या में बालिकाओं को प्रशिक्षित कर चुकीं हैं। विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर हिमांशु यादव ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से बालिकाओं में संकल्प शक्ति का विकास होता है। बालिकाएं कदम दर कदम आगे बढ़ती जातीं हैं और किसी भी विपरीत परिस्थिति का डटकर मुकाबला कर सकतीं हैं।
विद्यालय की छात्रा वर्षा त्रिपाठी का कहना है कि प्रशिक्षण के बाद सभी छात्राओं में संकल्प शक्ति बढ़ी है। प्रतिदिन नियमित अभ्यास करके ट्रेनर की ओर से बताए गए तरीकों को बेहतर तरीके से सीखेंगे।
छात्रा आकांक्षा का कहना है कि आत्मरक्षा के गुर कभी भी काम आ सकते हैं। प्रशिक्षण में समझ आया कि विपरीत परिस्थितियों में अपना हौसला नहीं छोड़ना चाहिए।
छात्रा कृतिका का कहना है कि ट्रेनर की ओर से सिखाए गए तरीकों को प्रयोग में लाकर हमला करने वाले व्यक्ति को परास्त किया जा सकता है।
छात्रा शिप्रा सिंह का कहना है कि अभी तक वह पढ़ाई में व्यस्त रहतीं थीं, लेकिन प्रशिक्षण के बाद वह आत्मरक्षा के विभिन्न तरीकों को भी मन लगाकर सीखने का प्रयास करेंगी।