औरैया। सराफ से लूट के मामले में गिरफ्तार संजय चिकवा उर्फ संजय टोपी व उसके साथी रफत और जमालुद्दीन मास्टर माइंड निकले। संजय को मनीष ने दुकान से हटा दिया था। इसकी वह खुन्नसा खाए था। संजय ने ही रेकी कर अपने साथी जमालुद्दीन के माध्यम से भोगनीपुर कोतवाल को जानकारी दी थी।
बांदा निवासी मनीष ने पुलिस को बताया कि उसकी बांदा में चौक बाजार में रामकुमार लक्ष्मी नारायण ज्वैलर्स के नाम से सराफ की दुकान है। वह कई जिलों में अपना कारोबार करता है। इस सिलसिले से अक्सर चांदी लेकर आना जाना रहता है। एसपी चारू निगम ने बताया कि पूछताछ में संजय ने बताया कि वह पहले मनीष की दुकान पर काम करता था। किसी बात को लेकर मनीष ने उसे लगभग आठ माह पहले ही दुकान से हटा दिया था। जिससे वह बेरोजगार हो गया था। वह मनीष के कारोबार के बारे में सब जानकारी रखता था कि कब मनीष कहां और किसी लिए जाते हैं। इसी खुन्नस के चलते संजय ने मनीष की गतिविधियों की जानकारी अपने दोस्त रफत निवासी मुठनी थाना बिवार जनपद हमीरपुर को देकर रास्ते में लूट की योजना बनाई। इस काम में उसने अपने कम्हरिया थाना मौदहा हमीरपुर निवासी दोस्त जमालुद्दीन पठान उर्फ जमील शेख को भी शामिल कर लिया। बताया कि जमालुद्दीन पठान ने भोगनीपुर थाने के कोतवाल अजय पाल कठेरिया को जानकारी दी। अजय पाल पहले झांसी में तैनात थे। जमालुद्दीन प्रापर्टी डीलर का काम करता था इस वजह से अजय पाल से वह पूर्व से परिचित था।
गैंग लीडर कोतवाल समेत सभी पर होगी गैंगस्टर की कार्रवाई
एसपी ने बताया कि लूट की घटना की पूरी योजना भोगनीपुर कोतवाली निरीक्षक अजय पाल कठेरिया निवासी नौगवां थाना पटियाली जनपद कासगंज ने बनाई थी। उसने लूट की वारदात में दरोगा चिंतन कौशिक निवासी चंदकुटीर होटल दरबार के पीछे बुलंदशहर , जमालुद्दीन, रफत खान, हेडकांस्टेबल रामशंकर, संजय व राकेश को शामिल किया। एसपी चारु निगम का कहना है कि इन लोगों ने गैंग बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया है। इसमें गैंग लीडर की भूमिका कोतवाल रहे अजय पाल कठेरिया ने निभाई है। वह शातिर किस्म का व्यक्ति है। कोतवाली निरीक्षक, दरोगा, सिपाही की बर्खास्तगी के साथ गैगेस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
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कार में लाखों रुपये नकदी और सोने के आभूषण होने की रही चर्चा
जिस सराफा कारोबारी की कार से चांदी लूटी गई उस कार में करीब एक करोड़ रुपये की नगदी और लाखों रुपये कीमत के सोने के आभूषण होने की चर्चा आरोपियों के पकड़े जाने के बाद रही। पुलिस सूत्रों की माने तो लुटेरे बन कर आए पुलिस कर्मी दोबारा कार चेक करने के लिए बढ़े ही थे इससे पहले सराफा कारोबारी मनीष कार लेकर भाग निकला था। इससे नगदी व आभूषण बच गए।
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पायल का कारोबार करता है सराफ
घटना में लूट का शिकार मनीष सोनी ने बताया कि वह पायल बनवाकर बेचने का काम करता है। इसके लिए वह झांसी से चांदी खरीदता है उसके बाद आगरा में पायल बनवाकर बेचने का काम करता है। बताया कि बुधवार को वह आगरा लेकर चांदी जा रहा था। इसी बीच उसके साथ वारदात को अंजाम दिया गया। मनीष का कहना है कि इस मामले में पुलिस की सतर्कता से उसका लूटा गया माल मिल सका है। बताया कि पुलिस कर्मी बनकर आए लोगों को उसने चांदी खरीद की रसीदें भी दिखाई थी। इसके बाद भी वह नहीं माने और मोबाइल छीन लिया और चांदी लेकर भाग निकले थे।
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ताजुद्दीन और रामशंकर की तलाश में कई जिलों में छापेमारीलूट की वारदात में शामिल लोगों में जहां हेडकांस्टेबल रामशंकर फरार है। वहीं पुलिस को एक और शातिर ताजुद्दीन की तलाश है। बताया जा रहा है कि ताजुद्दीन घटना वाले दिन पुलिस कर्मियों के साथ था। वह जमालुद्दीन का रिश्तेदार बताया गया है। पुलिस दोनों फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। औरैया पुलिस की कुछ टीमें महोबा, हमीरपुर, कानपुर देहात व बांदा में छापेमारी के लिए जुटी है।
नोट- अजय पाल कठेरिया निवासी -नौगवां थाना पटियाली जनपद कासगंज,
- चिंतन कौशिक निवासी चंदकुटीर होटल दरबार के पीछे थाना कोतवाली नगर बुलंदशहर- का पता जोड़ लें।