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जिले में 360 किलो मीटर की 183 सड़कें जर्जर, चलना मुश्किल

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औरैया। सड़कों को विकास की धुरा कहा जाता है। इसके बावजूद जिले की तमाम सड़कें खस्ताहाल है। इन पर जगह-जगह बने गड्ढों के कारण चलना मुश्किल हो रहा है। अब लोक निर्माण विभाग ने ऐसी जर्जर 183 सड़कों को चिह्नित कर उनके दोबारा से मरम्मत व निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है। जिससे जल्द ही सड़कों की स्थिति ठीक होने की उम्मीद जगी है।
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हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर सड़कों को गड्ढामुक्त करने का काम कराया जा रहा है। इसके बाद भी सड़कों की दुर्दशा नहीं सुधरी। इधर, अक्तूबर में हुई बारिश के बाद सड़कों की हालत और खस्ता हो गई है। बिलराया-पनवाड़ी मार्ग से लेकर जिले के 183 प्रमुख सड़कें ऐसी हैं, जो गांव से शहर और स्टेट हाईवे को जोड़ती हैं, लेकिन वे जर्जर हो चुकी हैं।
विभाग ने सर्वे कराया तो 360 किलोमीटर ऐसी सड़कें पाई गईं जो बुरी तरह उखड़ी हैं, या फिर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इनमें से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने वाली 56 सड़कें हैं, जिनकी कुल लंबाई 80.67 किलोमीटर है।
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पांच नई सड़कों को मंजूरी
खानपुर से दिबियापुर नहर तिराहे तक पुराना राज्यमार्ग- साढ़े तीन किलोमीटर
ककोर से फफूंद सल्तनापुर मार्ग- तीन किलोमीटर
बिधूना से सहार मार्ग- 6.20 किलोमीटर
तिर्वा बेला मार्ग से रामनगर-ककराई-कल्यानपुर मार्ग- नौ किलोमीटर
अछल्दा से बंशी हरचंद्रपुर मार्ग 13 किलोमीटर
जिले की जर्जर और नवीनीकरण वाली सड़कों के लिए निरीक्षण कर प्रस्ताव तैयार किए गए थे। शासन से अभी पांच सड़कों की मंजूरी मिली है। इन सड़कों का 569.65 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्य कराया जाना है। इसके अलावा 183 सड़कों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
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- अभिषेक यादव, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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