औरैया। आनेपुर ग्राम पंचायत के गांव समरथपुर के बाशिंदे घरों के बाहर पांच सालों से जलभराव व गंदगी की समस्या से जूझ रहे हैं। समस्या को लेकर ग्राम प्रधान से लेकर अधिकारियों तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीण अब मुख्यमंत्री के जनता दरबार में शिकायत लेकर पहुंचेंगे।
समरथपुर गांव लगभग दो हजार की आबादी वाला गांव है। इसमें 14 सौ मतदाता है। लंबे वक्त से समस्या झेल रहे ग्रामीणों का आरोप है कि पिछली पंचवर्षीय गांव की सरकार में भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस बार भी यही स्थिति बनी हुई है।
गांव में जगह-जगह खाली पड़े प्लाटों में गंदा पानी भरा हुआ है। इससे घरों की दीवारों में सीलन है। बच्चों के संक्रामक रोगों की चपेट में आने से ग्रामीण परेशान हैं। समस्या के निदान के लिए न तो प्रधान ही सुन रहे हैं और न ही जिले के आला अधिकारी।
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गांव निवासी अनीता का आरोप है कि शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। घर के दो तरफ पानी भरा हुआ है। इससे दीवारों में सीलन होने से पेंट्स व प्लास्टर उखड़ रहा है। दीवार धंसने का भय है।
वृद्ध रविंद्र तिवारी कहते हैं कि 11 सालों से गांव में रह रहे हैं। पांच सालों से जल भराव के कारण परेशान हैं। वह खुद व उनकी पत्नी शांति देवी कीचड़ में फिसल कर घायल हो चुके हैं। सदर विधायक से सिर्फ आश्वासन मिला।
फौजी शिवेंद्र शुक्ला ने बताया कि ग्राम प्रधान के न सुनने पर घर के बाहर जल भराव रोकने लिए 25 हजार रुपये खर्च किए। डेंगू की चपेट में आकर बच्ची भी बीमार हो चुकी है।
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ग्राम प्रधान विनीता देवी की ओर से प्रतिनिधि सत्येंद्र ने बताया कि कईयों बार डीएम को लिखित रुप से समस्या निदान की मांग की जा चुकी है। बंबा में पानी आने पर गांव में भर जाता है। जल निकासी के लिए बंबा के किनारे से नाला खुदवाया जाना समस्या का ठोस निदान है। उसके लिए बड़े बजट की आवश्यकता है। शासन और प्रशासन के स्तर से ही यह समस्या दूर हो सकती है।
बोले जिम्मेदार---
समस्या के निदान के लिए बीडीओ को गांव भेजकर उसका निरीक्षण और स्थिति से निपटने के लिए उपाय करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। समस्या के निदान के लिए बेहतर उपाय किया जाएगा।
- एमपी सिंह, अपर जिलाधिकारी, औरैया।