दिबियापुर। नगर निकाय चुनाव में बागियों के ताल ठोकने से इस बार कई राजनीतिक दलों की गणित बिगड़ सकती है। टिकट पाने के लिए इस बार सबसे ज्यादा मारामारी सपा और भाजपा में रही। दोनों पार्टी से कई वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने आवेदन कर रखे थे। ऐन वक्त पर जब टिकट की सूची जारी हुई तो कई हाथ निराशा हाथ लगी। इसके बाद ही बगावत के सुर तेज हो गए। सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन होने पर कई ने चुनावी मैदान में उतर कर नामांकन करा दिया है। अब इनके मनाने का दौर भी शुरू हो गया है।
विभिन्न राजनीतिक दलों से टिकट मांग रहे दावेदारों को दलों की सूची जारी होने के बाद मायूसी हाथ आई। इसके बाद दावेदारों ने निर्दलीय के तौर पर अपने नामांकन दाखिल कर लोगों की गणित बिगाड़ने का काम शुरू कर दिया है। निर्दलीय नामांकन होने से टिकट पाए प्रत्याशियों की नींद उड़ गई है। बहुजन समाज पार्टी से विधानसभा दिबियापुर का चुनाव लड़ चुके पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामकुमार अवस्थी बसपा से टिकट मांग रहे थे। निवर्तमान चेयरमैन अरविंद पोरवाल का टिकट फाइनल होने के बाद रामकुमार अवस्थी ने अपनी पत्नी संध्या अवस्थी का नामांकन निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में करा दिया।
भाजपा से टिकट मांग रहे राजेंद्र पप्पू पोरवाल ने सूची जारी होने के बाद सोमवार को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन कराया। जबकि सपा से विपिन गुप्ता का नाम फाइनल होने के बाद ब्रह्मानंद गुप्ता और उनकी पत्नी ने अलग-अलग नामांकन निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में कराया। बता दें कि ब्रह्मानंद गुप्ता का दो दिन पहले सपा से टिकट फाइनल हो गया था। सपा मुखिया अखिलेश यादव एवं प्राधिकृत पत्र के साथ उनकी फोटो वायरल हुई थी।
इसके बाद विपिन गुप्ता को टिकट दे दिया गया। इसी तरह से बिधूना, दिबियापुर और फफूंद नगर पंचायतों में निर्दलियों ने दलिय प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ा दी है। इन निकायों में चुनाव दिलचस्प होता जा रहा है। वहीं, कुछ दिग्गज नेता बागी दावेदारों को मनाने में जुट गए हैं।