औरैया। जिले में गेहूं की कटाई जोर पकड़ चुकी है, लेकिन खरीद की रफ्तार धीमी है। अधिकांश क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। इसके पीछे पंजीकरण कराने वाले किसानों का समय से सत्यापन न होना भी एक कारण बताया जा रहा है। इस पर जिला प्रशासन ने सभी तहसीलों को सत्यापन कार्य तेजी से करने के निर्देश दिए गए हैं।
एक अप्रैल से गेहूं की खरीद के लिए जिले में 65 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनमें से पांच एजेंसियों के केंद्रों पर खरीद हो रही है। एफसीआई व व यूपीएसएस का अभी तक खाता नहीं खुल सका है। गेहूं खरीद के नोडल अधिकारी/अपर जिलाधिकारी महेंद्र पाल सिंह ने पिछले दिनों एजेंसियों प्रभारियो, केंद्र प्रभारियों व अधिकारियों की बैठक में गेहूं खरीद की प्रगति संतोषजनक न होने पर नाराजगी जाहिर की थी।
उन्होंने किसानों से संपर्क करने व व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए थे। तमाम प्रयास के बावजूद गेहूं खरीद जोर नहीं पकड़ रही है। इसके पीछे किसानों के पंजीकरण का सत्यापन न होना बताया जा रहा है। जिले में अब तक 523 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इसमें तहसील स्तर पर 378 किसानों का सत्यापन हो चुका है। विभाग के आंकड़ों की बात करें तो 19 दिन में 69 किसानों से 309.798 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है।
एजेंसी क्रय केंद्र किसान खरीद (मीट्रिक टन में)
खाद्य विभाग 8 11 47.70
एफसीआई 1 0 0
पीसीयू 8 11 46.35 पीसीएफ 45 47 215.74 यूपीएसएस 3 0 0
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योग 65 69 309.798
गेहूं खरीद में तेजी लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। निकाय चुनाव होने के बाद भी तहसील स्तर पर सभी को पंजीकरण का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि चुनाव के बीच किसानों के पंजीकरण का सत्यापन कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। ताकि अधिक से किसान पहुंच कर गेहूं बेंच सकें।
- सुधांशु शेखर चौबे, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी