औरैया। बारिश व तेज हवाओं ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। पिछले तीन दिनों में जिले में महज पांच मिली मीटर बारिश हुई है। इससे 10 फीसदी फसल बर्बाद हो गई है। मंगलवार को बारिश न होने से किसानों ने राहत की सांस ली।
जिले में पिछले तीन दिनों में हुई रुक-रुक के बारिश व तेज हवा से करीब 10 फीसदी फसल चौपट हो गई है। तीन दिनों में करीब पांच मिली मीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण किसानों को हुई नुकसान की भरपाई के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। गेहूं और सरसों की फसल को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। जिन किसानों ने गेहूं की फसल को चौथा पानी दिया था, उनकी फसल को ज्यादा नुकसान होगा।
जिले के औरैया, अजीतमल, भाग्यनगर, अछल्दा, एरवाकटरा, बिधूना व सहार ब्लॉक के सैकड़ों किसान फसल चौपट होने के बाद सिर पर हाथ रखे बैठे हैं। इसमें कई किसानों ने तो कर्ज लेकर खेती की है। कई ऐसे भी हैं, जिनकी फसलों की बुवाई, जुताई सहित मजदूरों का पैसा बाकी है। कृषि विज्ञान केंद्र परवाहा के प्रभारी डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि जिले में तीन दिनों में पांच एमएम बारिश हुई है। 22 मार्च से मौसम खुलने की संभावना है।
बोले किसान
किसानों के लिए ये समय सबसे खराब है। पहले से ही आलू की फसल में किसानों को बड़ा झटका लगा है। वहीं अब बेमौसम बारिश मुसीबत बनती जा रही है। आखिर समझ नहीं आ रहा क्या करें। - राधा किशन, नगला परसादी
किसान मौसम की मार से बेहाल हो चुका है। धान की फसल में कटाई के दौरान बारिश से नुकसान हुआ था। वही स्थिति अब गेहूं की फसल में भी सामने आ रही है। किसान अब कर्जदार होता जा रहा है। - उमाशंकर, काला बोझ
किसान यहां कर सकते हैं शिकायत
किसानों को शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है। जिन किसानों का फसल बीमा नहीं हो सका है, उन्हें चिहिन्त करने के लिए उन्हें टोल फ्री नंबर 18008896868 जारी किया गया है। उप कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए टीमें लगातार सर्वे कर रही हैं।
बोले जिम्मेदार
उप कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि तेज हवा और बारिश से फसलों को नुकसान हुआ है। फसलों के नुकसान के आकलन के लिए जल्द टीमें गठित की जाएगी। जिन किसानों ने प्रधानमंत्री कृषि बीमा कराया है, उनकी फसलों के नुकसान की भरपाई की जाएगी।