औरैया। विधिचंद्र वार्ड में घरों के दरकने की घटना को लेकर मोहल्ले के लोगों में दहशत है। वार्ड के बुजुर्ग बताते हैं कि 11 साल पहले पुरानी पाइप लीकेज होने से पांच मकान धंस गए थे। वर्षों पहले यहां खंती हुआ करती थी, कोल्हू भी थे। इन बातों को लेकर प्रशासन जांच करा रहा है। अभी तक मकान दरकने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
मकानों में पड़ रही दरारों को लेकर लोग अटकलें लगा रहे हैं। कोई इसे पास में बने नलकूप की वजह बता रहा है तो कुछ लोग पुराने हालातों से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि जल निगम, लोक निर्माण विभाग और नगर पालिका की टीम अपने स्तर से जानकारी जुटा जांच कर रही है। अभी तक इस मामले में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मकानों में दरार पड़ने का कारण क्या है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रामआसरे कमल, जेई पीपी सिंह के पहुंचने पर बुजुर्गों ने कई पुरानी कहानियां बता डाली।
तिलक इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त कर्मचारी 79 वर्षीय भगवान दास कहते हैं कि पूर्व में मदार दरवाजा से नरसिंह मंदिर तक तीन खंत्तियां थीं। वहीं विधिचंद्र में मुन्ना गहोई के घर के पास एक खत्ती थी, संभव है कि बारिश का पानी इन्हीं खंत्तियों के माध्यम से घरों के नीचे पहुंचा हो, जिससे घर धसक रहे हों।
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मोहल्ला मदार दरवाजा निवासी 79 वर्षीय बुजुर्ग रमेश चंद्र चौरसिया बताते हैं कि पूर्व में मदार दरवाजा गेट से सटे क्षेत्र में कोल्हू चलता था। जिसमें बड़े-बड़े टैंक बने थे। कहीं घरों के धंसने की वजह वही तो नहीं।
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मोहल्ला विधिचंद्र निवासी गोपाल अग्रवाल ने बताया कि लगभग 10 साल पहले भी उनके घर से चंद कदम आगे एक गली है। जहां अंडरग्राउंड पेयजल की पाइप लाइन फट गई थी। जिससे पांच लोगों के घर धंस गए थे। जानकारी होने पर पाइप लाइन की आपूर्ति बंद कराई, उसके बाद से आज तक कोई समस्या नहीं हुई। ऐसी स्थिति में पाइप लाइन लीकेज होने से यह समस्या होने की आशंका लग रही है।
घर के अंदर की दीवारें दरक गईं हैं। सात साल पहले ही नया घर बनवाया था। ऐसे में घर के कमरों में अब सोने से डर लगता है। उनका घर क्यों दरक रहा है, यह समझ में नहीं आ रहा है।