औरैया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो मनराज सिंह ने सहायल थाना क्षेत्र में करीब सात साल पुराने एक नाबालिग छात्रा की अश्लील फोटो बनाकर वायरल करने के मामले के तीन दोषियों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर 30-30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
मामले की अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि वादी मुकदमा ने थाना सहायल में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी पुत्री इंटर काॅलेज में पड़ती है। 29 मार्च 2016 को गांव के लोगों द्वारा चर्चा हुई कि उसकी पुत्री की अश्लील एवं आपत्तिजनक फोटो लोगों के मोबाइल एप व व्हाट्सअप पर देखी गई है। जिसमें वादी की पुत्री की फोटो की गर्दन जोड़कर गलत ढंग से आपत्तिजनक स्थिति में दर्शाई गई है। इससे वादी व उनके परिवार की बदनामी हो रही है।
वादी ने बताया कि उक्त विवादित फोटो जैसी करनी वैसी भरनी नाम के ग्रुप में पोस्ट की गई थी। उसमें कई मोबाइल नंबर व इस कार्य में संलिप्त लोगों के नामों के साथ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना कर गांव पुर्वा कुडरी सहायल निवासी आलोक, सीटू उर्फ संजय व रवि उर्फ शैलेंद्र कुमार के खिलाफ पॉक्सो व आईटी एक्ट की धारा 67 में चार्जशीट लगाकर कोर्ट में प्रस्तुत की।
यह मामला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह की कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने बताया कि पीड़िता की शादी अभी नहीं हुई थी। जिससे समाज में उसकी छवि पर बहुत गहरा असर पड़ा है। तथा पीड़िता लोक लाज के भय व छींटाकसी से भयग्रस्त है। आत्महत्या करने के कोशिश में थी। वहीं बचाव पक्ष के वकील ने आरोपियों को निर्दोष बताया। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद एडीजे मनराज सिंह ने तीनों दोषियों आलोक, सीटू उर्फ संजय व रवि उर्फ शैलेंद्र को तीन-तीन साल के कठोर कारावास व तीस-तीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। जमा कराई गई अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को अदा करने का भी कोर्ट ने आदेश दिया।