संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर प्रदेश मेें भी कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों की पर्सनल एजुकेशन नंबर (पेन) को अनिवार्य बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मंत्रालय के निर्देश में कहा गया है कि पेन कार्ड के बिना विद्यार्थियों की गिनती किसी शैक्षिक रिकॉर्ड में नहीं की जाएगी।
इनमें करीब एक लाख 10 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। इन छात्र-छात्राओं का रिकॉर्ड विद्यालय में अभी तक रजिस्टरों में रखा जाता था। अब इन विद्यालयों में पंजीकृत कक्षा एक से 12 तक के सभी छात्र-छात्राओं का पेन बनाया जाएगा। यू-डायस पोर्टल पर छात्र-छात्राओं का विवरण अपलोड किया जाएगा। इसमें छात्र का नाम, पिता, माता का नाम, जन्म तिथि, आधार नंबर, अभिभावक व विद्यार्थी का बैंक खाता, कक्षा, सेक्शन सहित अन्य जरूरी सूचनाएं शामिल रहेंगी। छात्र-छात्राओं का यू-डायस पोर्टल पर विवरण अपलोड होने के बाद पेन जारी हो जाएगा। इसमें किसी भी विद्यार्थी का यूू-डायस कोड व पेन नंबर से विवरण देखा जा सकेगा।
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वर्जन
छात्र-छात्राओं का पेन नंबर जारी होने से सत्यापन कराने में आसानी होगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। ऐसे छात्र-छात्रा जो एक से अधिक विद्यालयों में प्रवेश लेते थे, उन पर लगाम लगेगी। - अनिल कुमार, बीएसए
वर्जन
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यो को छात्रों की पूरी जानकारी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को छात्रों की पूरी जानकारी यू-डायस पोर्टल पर अपलोड कर पेन नंबर देने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
- श्याम प्रकाश यादव, डीआईओएस