औरैया। जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2.0 लक्ष्य से कोसों दूर नजर आ रही है। काफी समय बीत जाने के बाद भी हजारों पात्रों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। योजना के तहत गर्भवती एवं धात्री माताओं को प्रथम संतान एवं द्वितीय संतान (बेटी) होने पर लाभ दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। चालू वित्तीय वर्ष में महज 1529 पात्रों को ही लाभ मिल सका है। जबकि 7123 पात्रों ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2.0 के तहत अप्रैल 2023 से अब तक आवेदन किए हैं।
जिले में शासन स्तर से मिले लक्ष्य के सापेक्ष योजना के तहत पहला बच्चा होने को लेकर अप्रैल 2023 से अभी तक 5698 था। जिसके सापेक्ष 2010 पंजीकरण कराए जा सके। वहीं, दूसरे बच्चे के तौर पर बेटी होने को लेकर 1425 का लक्ष्य था। जिसके सापेक्ष 796 पंजीकरण कराए गए। अप्रैल 2023 से अब तक कुल लक्ष्य जहां 7123 था, वहीं इसके सापेक्ष महज 39 प्रतिशत, 2806 पंजीकरण ही हो सके। यहां पर 12 आवेदन ऐसे रहे जो कि निरस्त हो गए। यहां पर एएनएम द्वारा 2248 आवेदनों का सत्यापन किया गया।
स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी के द्वारा 2181 का सत्यापन किया जा सका। जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2.0 के तहत अप्रैल 2023 से अब तक हुए कुल 7123 आवेदनों के सापेक्ष महज 1529 को ही लाभ दिया जा सका है। जिला स्तर पर स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी आनलाइन आवेदन की संस्तुति होने के बाद शासन से लाभ पात्र के खाते में पहुंचने की बात कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2.0 के तहत अप्रैल माह से अब तक हुए कार्यों का ब्योरा
पहले बच्चे के लिए पंजीकरण का लक्ष्य- 5698
पहले बच्चे के लिए अब तक हुए कुल आवेदन लक्ष्य के सापेक्ष-2010(35 फीसदी)
दूसरे बच्चे के लिए पंजीकरण का लक्ष्य- 1425
दूसरे बच्चे के लिए अब तक हुए कुल आवेदन लक्ष्य के सापेक्ष-796(55.9 फीसदी)
कुल पंजीकरण लक्ष्य- 7123
लक्ष्य के सापेक्ष पंजीकरण-2806 (39 फीसदी)
एएनएम द्वारा सत्यापित-2248
स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी द्वारा सत्यापित-2181
निरस्त हुए आवेदन-12
अब तक हुए भुगतान- 1529
लंबित आवेदन-5594
यह है योजना
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत महिलाओं को पहले बच्चे का जन्म होने पर तीन किस्तों में पांच हजार रुपये की धनराशि सरकार से मिलती है। इसके लिए आशा कार्यकर्ता के जरिए आवेदन करना होता है। धनराशि आवेदक के खाते में सीधे आती है। बच्चे का जन्म होने के 270 दिन के अंदर योजना के तहत लाभ पाने के लिए पंजीकरण किया जा सकता है। दूसरी संतान बालिका होने पर भी योजना का लाभ दिया जाता है। उस स्थिति में एकमुश्त छह हजार रुपये दिए जाते हैं। इसका पंजीकरण प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर बालिका के जन्म के 270 दिन के अंदर कर लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
वर्जन
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत आने वाले आवेदनों की संस्तुति कर शासन को अपडेट कर दिए जाते हैं। आवेदन लंबित न हो इसका सीएचसी स्तर पर पूरा ध्यान रखा जाता है। शासन से प्रत्येक पात्र मां के बैंक खाते में धनराशि आती है। मंडल से लेकर प्रदेश स्तर पर जिले की रैंकिंग अव्वल रही है। जहां तक पात्रों को लाभ मिलने की बात हैं उसे लेकर जिला स्तर पर लगातार संभव प्रयास किए जा रहे हैं।’-डॉ. शिशिर पुरी, नोडल अधिकारी, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना