औरैया। नगर निकाय चुनाव की सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। चुनावी दंगल में किस्मत आजमाने के लिए दावेदारों ने पहले से ताक लगा रखी है, लेकिन अभी आरक्षण का निर्धारण नहीं हुआ है। प्रशासन स्तर से नगर पालिका/नगर पंचायत वार अध्यक्ष व सभासदों के आरक्षण का प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है। शासन से संभावित चक्रानुक्रम व्यवस्था लागू होने से सीटों के आरक्षण में बदलाव हो सकता है। इससे कई दावेदारों का चुनावी समीकरण बिगड़ सकता है।
निकाय चुनाव की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इसी के तहत वार्डों का प्रस्ताव शासन स्तर से मांगा गया है। इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर अनुमोदन के लिए भेजा गया है। अब आगे की कार्रवाई शासन को करनी है। इसके लिए आरक्षण का अनंतिम प्रकाशन कर उस पर आपत्तियां ली जाएंगी।
उसके निस्तारण के बाद अंतिम प्रकाशन होगा। विभागीय जानकार बताते हैं कि इस बार चक्रानुक्रम में वार्डो का आरक्षण प्रस्तावित है। इससे पूर्व की आरक्षित सीटों में बदलाव होगा, यह उन उम्मीदवारों के लिए मुश्किल खड़ी करेगा, जो काफी समय से तैयारी में लगे हैं।
हालांकि, जब तक आरक्षण के मुताबिक अंतिम प्रकाशन नहीं होता है, तब तक उनकी उम्मीद का दीप रोशन जरूर है। दावेदार बड़ी बेसब्री से आरक्षण का इंतजार कर रहे हैं। एडीएम महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि शासन के आदेश के अनुसार प्रस्तावित आरक्षण तैयार किया गया है। प्रस्तावित आरक्षण शासन को भेज दिया गया है।
चर्चा है कि रैपिड सर्वे और चक्रानुक्रम के लिए कई सभासदों और अध्यक्षों की कुर्सी आरक्षण की जद में आने की आशंका है। इससे मौजूदा सभासदों की कुर्सी खतरे में है। संभावित प्रत्याशी अपने आस-पड़ोस की सीट पर जुगाड़ फिट करने में लगे हैं। फिर भी कइयों के चुनाव मैदान से हटने के आसार हैं तो कुछ लोग चहेतों को मैदान में उतारना चाहते हैं।