फोटो10एयूआरपी 18- औरैया आगमन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव व कमलेश पाठक, व्यापारी
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औरैया। मुलायम सिंह यादव और कमलेश के बीच जेल में नजदीकी बढ़ी। दोनों एक ही बैरक में थे। दोनों के बीच जेल में एक बार कुश्ती भी हुई थी।
पूर्व मंत्री कमलेश पाठक के पुत्र डॉ.रत्नेश पाठक बताते हैं कि 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी लगाई थी। उस दौरान लोकदल पार्टी की तरफ से मुलायम सिंह यादव ने आंदोलन चलाया था। इसमें मुलायम सिंह को इटावा जिला कारागार में निरुद्ध किया था। वह 19 महीने तक जेल में रहे थे। उनके साथ बैरक में कमलेश पाठक भी थे। कमलेश पाठक जब 1977 में जेल में बंद थे, तभी नेताजी जनता दल से सहकारिता मंत्री बनाए गए थे। वह कई बार कमलेश पाठक से मिलने जेल आए थे। 1978 में कमलेश पाठक के रिहा होने के बाद नेताजी ने उन्हें युवा लोकदल का प्रदेश महामंत्री बनाया। इसके बाद से नेताजी का औरैया में उनके गांव भड़ारीपुर आना-जाना होने लगा।
कई बार औरैया के नगर पालिका इंटर कालेज में आकर लोकदल कार्यकर्ता सम्मेलन संबोधित किया था। नेताजी की ओर से एमएलसी के लिए जो सूची जारी की गई थी। उस आखिरी सूची में कमलेश पाठक को नेताजी के हस्ताक्षर से ही एमएलसी बनाया गया था। नेताजी ने मुख्यमंत्री रहते हुए कई विद्यालयों को अपने विशेष कोटे से मान्यता दी थी। औरैया में उस समय शहर में सुभाष चौक के पास गोपाल गोशाला के नाम से विद्यालय संचालित होता था। उसमें तत्कालीन प्रबंधक डॉ. बेनीमाधव हुआ करते थे।
मुलायम सिंह की डॉ. बेनी माधव से अच्छी मित्रता थी। उनके कहने पर मुख्यमंत्री रहते हुए मुलायम सिंह यादव ने श्री गोपाल इंटर कालेज के नाम से इंटर तक की सीधी मान्यता दी थी। मुख्यमंत्री कोष से भी कई बार आर्थिक सहायता दी थी। बमुरीपुर में स्थित गोपाल कृष्ण इंटर कालेज को भी मान्यता दी थी।
अधिवक्ता महावीर शर्मा बताते हैं कि मुलायम सिंह यादव ने रक्षा मंत्री रहते हुए औरैया में दूरदर्शन रिले केंद्र की स्थापना कराई थी। दस्यु प्रभावित क्षेत्र होने के कारण मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान नेताजी ने देवकली रिपोर्टिंग चौकी स्थापित कराई थी। पर्यटक होटल की भी नेताजी ने ही स्थापना कराई थी। देवकली मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था।