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Auraiya News: 20 दिन बीते अन्य आरोपियों तक नहीं पहुंची पुलिस

Fri, 26 Jan 2024 01:27 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव भाऊपुर में पांच जनवरी की रात दंपती ने जहर निगला। दोनों की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों की ओर से दी गई तहरीर के बाद दो नामजद समेत स्टेट बैंक के कुछ कर्मियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें पुलिस ने एआरटीओ के लेखाकार को जेल भेजा था। वहीं घटना को 20 दिन से ज्यादा का समय बीत चुका है। बावजूद इसके नामजद एक अन्य आरोपी को पुलिस पकड़ नहीं पाई।
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भाऊपुर निवासी शिवकांत पाठक व उनकी पत्नी सीमा ने जहर खा लिया था। मामले में बरामद सुसाइड नोट में एआरटीओ के लेखाकार ललित कटियार व नेता मिश्रा का जिक्र किया गया था। शिवकांत के भाई रविंद्र की तहरीर पर पुलिस ने ललित कटियार व नेता मिश्रा समेत कुछ बैंक कर्मियों पर आरोप लगाते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया था। मामले में पुलिस ने कानपुर देहात निवासी ललित कटियार को घटना के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस की जांच में कुछ अन्य नाम भी सामने आए थे। पुलिस ने घटना के बाद बैंक कर्मियों से पूछताछ करते हुए जांच आगे बढ़ाई थी, लेकिन घटना के 20 दिन बीत जाने के बाद भी दूसरे नामजद आरोपी नेता मिश्रा व अन्य आरोपियों तक पुलिस पहुंच नहीं सकी है। सीओ सदर महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। साक्ष्य संकलन का काम जारी है।
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जांच टीम ने दो बार मांगे चालान के अभिलेख, एआरटीओ नहीं करा सके मुहैया
-चालान अदायगी में हुए गबन में एक साल के अभिलेखों की होनी है जांच
-एआरटीओ ने लेखाकार पर कागजात मुहैया न करा पाने की दी तहरीर
-बड़े घपले का अंदेशा होने की चर्चा, अधिकारियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। भाऊपुर निवासी दंपती की मौत के बाद सामने आए एआरटीओ कार्यालय के चालान अदायगी को लेकर गबन के मामले में जांच जहां की तहां अटकी है। परिवहन विभाग की कानपुर टीम दो बार एआरटीओ अशोक कुमार से एक साल के चालान के अभिलेखों की लिखित मांग कर चुकी है। लेकिन टीम को अभिलेख नहीं दिए गए। एआरटीओ ने दिबियापुर थाना में तहरीर देकर लेखाकार ललित कटियार पर अभिलेख न देने का आरोप लगाया है।
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स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में आउटसोर्सिंग कर्मी शिवकांत के सुसाइड नोट के सामने आने के बाद परिवहन विभाग के गबन का मामला सामने आए 18 दिन हो चुके हैं। मामले में कानपुर की परिवहन विभाग की टीम ने गहनता से जांच शुरू की थी। पहले तीन माह के चालानों की अदायगी में अनियमितता पकड़ी गई थी। वहीं पूर्व के महीनों में भी गड़बड़ी पाई जाने पर एक साल के चालान तलब किए गए थे। एआरटीओ अशोक कुमार से लिखित में शुरुआती दौर में एक साल के चालान अदायगी के अभिलेख मांगे। न देने पर दोबारा 20 जनवरी को पत्राचार के माध्यम से अभिलेख मांगे गए।
दो बार अभिलेख मांगे जाने के बाद भी जांच टीम को चालान से जुड़े अभिलेख मुहैया नहीं कराए जा सके हैं। ऐसे में किसी बड़े घपले की संभावना जताई जा रही है। दूसरी ओर एआरटीओ अशोक कुमार ने चालान का काम देखने वाले जेल में बंद लेखाकार ललित कटियार के खिलाफ दिबियापुर थाना में तहरीर दी है। वहीं विभागीय कर्मचारियों में चर्चा रही कि गबन का सब कुछ मामला जेल भेजे गए लेखाकार पर डाला जा रहा है। गबन मामले में शामिल अन्य लोगों पर कहीं पर्दा तो नहीं डाला जा रहा।

बोले जिम्मेदार
दो बार एआरटीओ से एक साल के चालान अदायगी का ब्योरा मांगा जा चुका है। अभी तक एआरटीओ अभिलेख नहीं दे सके हैं। कहीं न कहीं लापरवाही हो रही है। अभिलेखों के अभाव में गबन कितने का हुआ है, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। -प्रदीप कुमार, लेखाधिकारी कानपुर(जांच टीम)

लेखाकार ललित कटियार चालान का काम देखते थे। उनके द्वारा कागजात नहीं दिए गए हैं। ऐसे में जांच टीम को कागजात मुहैया नहीं कराए जा सके हैं। इस संबंध में दिबियापुर थाना में लेखाकार के खिलाफ तहरीर दी गई है।-अशोक कुमार, एआरटीओ प्रशासन औरैया
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