औरैया। सिंगल यूज प्लास्टिक को प्रतिबंधित किए जाने व प्लास्टिक अपशिष्ट के प्रबंधन को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में स्वच्छ भारत मिशन के फेज-2 के तहत जिले के सभी सात ब्लॉक स्तर पर प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन यूनिट (पीडब्ल्यूएमयू) स्थापित की जाएगी। पंचायती राज विभाग ने सभी बीडीओ से प्रस्ताव मांगे हैं।
जिले के गांव पूर्ण रूप से कूड़ा-कचरा से मुक्त होंगे। गांव में बेकार पड़ा ठोस कूड़ा-कचरा पंचायतों के लिए आमदनी का एक साधन भी बनेगा। इससे ग्राम पंचायतें स्वच्छ व समृद्ध बनेंगी। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-दो के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में राजस्व गांवों को ओडीएफ प्लस माडल गांव बनाया जाना है। प्रथम चरण में 5000 और उससे ऊपर की जनसंख्या वाले 25 गांवों को शामिल किया गया है।
इन गांवों में ठोस एवं तरल कूड़ा-कचरा प्रबंधन प्रोजेक्ट लगाए जा रहे हैं। इनमें बड़ी मात्रा में प्लास्टिक अपशिष्ट एकत्रित होने की संभावना है।
एकत्रित होने वाले अपशिष्ट के प्रबंधन के लिए प्रत्येक ब्लॉक में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन यूनिट स्थापित की जाएगी। इसके लिए 1500 वर्ग मीटर जगह मांगी गई है। जिन ब्लॉकों में जगह पर्याप्त नहीं होगी। वह किसी पास की ग्राम पंचायत में भी इसका निर्माण करा सकेंगे।
फिलहाल इसके निर्माण के लिए 16 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। यदि किसी कारण धनराशि अधिक खर्च होगी तो केंद्रीय वित्त आयोग व राज्य वित्त आयोग से बजट खर्च करने के लिए अनुमति संबंधित को लेनी होगी।
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बोले जिम्मेदार...
जिले को प्लास्टिक मुक्त करने की दिशा में एक और पहल शुरू हुई है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ब्लॉक स्तर पर एक प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन यूनिट बननी है। जगह की उपलब्धता होते ही योजना पर काम किया जाएगा।
- अनिल कुमार सिंह, सीडीओ