संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। उद्यान विभाग औषधीय बागवानी को बढ़ावा देगा। इसके तहत घर के आंगन या फिर किचन गार्डेन में विभिन्न किस्म के 20 औषधीय पौधे लगाने वाले को 2500 रुपये की सहायता खाते में भेजी जाएगी। इसके लिए पौधों की फोटो खींचकर विभाग को भेजना होगा।
जिले में पहली बार किसानों को औषधीय खेती के लिए उद्यान निदेशालय से प्रस्ताव मांगा गया है। पहले चरण में बागवानी प्रेमियों को अपने घर के आंगन या फिर किचन गार्डेन में विभिन्न प्रकार के जैसे तुलसी, अश्वगंधा, एलोवेरा, लेमन ग्रास, सतावर आदि 20 औषधीय पौधे लगाने के लिए विभाग द्वारा प्रेरित किया जाएगा।
यह योजना सेंट्रल एरोमेटिक एंड मेडिसिनल प्लांट बोर्ड (सीमैप) की ओर से संचालित की जा रही है। पहले अपने खर्चे पर पौधे लगाने होंगे। इसके बाद इसकी फोटो खींचकर विभाग को भेजना होगा। उद्यान विभाग में आधार कार्ड और पासबुक की फोटो काॅपी जमा करनी होगी।
जिला उद्यान विभाग हर्बल गार्डन का भौतिक सत्यापन करेगा। सारी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद लाभार्थी के खाते में 2500 रुपये भेजे जाएंगे। सार्वजनिक या निजी भूमि पर बड़े पैमाने पर औषधि नर्सरी लगाता है तो उसे अनुदान दिया जाएगा।
सेंट्रल ऐरोमेटिक एंड मेडिसिनल प्लांट बोर्ड की ओर से पहली बार यह योजना संचालित की जा रही है। हर्बल गार्डेन लगाने पर बागवानी प्रेमियों को सत्यापन कर 2500 रुपये की सहायता दी जाएगी। इसे घर की छत पर भी लगाया जा सकता है। - अनूप चतुर्वेदी, जिला उद्यान अधिकारी