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Auraiya News: बोले लोग, जरूरतमंद मरीजों के लिए ब्लड बैंक बड़ी उपलब्धि

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औरैया। 11 साल बाद मिले लाइसेंस के बाद अब ब्लड बैंक संचालन को लेकर जहां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जुट गए हैं। वहीं जिले के लोगों में इस उपलब्धि से काफी खुशी दिखाई दे रही है। लोगों का कहना है कि मरीजों और जरूरतमंदों के लिए ब्लड बैंक बड़ी उपलब्धि है।
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शुक्रवार को केंद्रीय टीम की ओर से शहर के 50 शैया जिला अस्पताल में ब्लड बैंक को लेकर लाइसेंस जारी करने की खबर मिलते ही लोगों में खुशी देखने को मिली। जिले भर से लोगों ने इसको लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं भी दीं। सोशल मीडिया पर भी जिले की इस उपलब्धि को लेकर सराहना चलती रही। 11 साल के इंतजार के बाद जिले को मिली इस सौगात को खूब सराहा है। बता दें कि इस ब्लड बैंक के संचालन को लेकर अमर उजाला ने मुहिम चलाई थी जिसमें सफलता मिली है।

क्या बोले लोग

अमर उजाला की मुहिम लाई रंग
गांव खोएला निवासी किनारा व्यापारी मोहन दीक्षित का कहना है कि ब्लड बैंक शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्र की जनता को खासी सहूलियत होगी। दो साल पहले अमर उजाला ने हमें चाहिए ब्लड बैंक के नाम से एक अभियान चलाया था। अब 11 साल बाद यह सपना साकार हो रहा है। ब्लड बैंक की शुरुआत हो रही है। जिसका लाभ जरूरतमंदों को मिलेगा।
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हादसों में घायल होने वाले नहीं होंगे रेफर
रुरुकला गांव निवासी सेवानिवृत्त लक्ष्मण सिंह राठौर ने बताया कि हादसों में घायल होने वाले लोगों के लिए अक्सर खून की जरूरत पड़ती है। ब्लड बैंक की सौगात मिल जाने से यह समस्या दूर हो जाएगी। 11 साल के बाद लाइसेंस मिला है। यह जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है।
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खून की कमी से जूझने वाली प्रसूताओं को भी मिलेगी राहत
शहर के आवास विकास कालोनी निवासी शिक्षिका पूनम पोरवाल ने बताया कि ब्लड बैंक के चालू हो जाने से जिले में रक्त की कमी वाले मरीजों को काफी राहत मिलेगी। खासकर खून की कमी से जूझने वाली प्रसूताओं को भी राहत मिलेगी। काफी कुछ स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी होगी।
लखनऊ, कानपुर और इटावा की दौड़ होगी कम
अजीतमल निवासी पुनीत दीक्षित ने ब्लड बैंक संचालन को लेकर जारी किए गए लाइसेंस को लेकर खुशी जताई। कहा कि जरूरत पड़ने पर कानपुर, लखनऊ, इटावा की दौड़ करने पर जहां आर्थिक बोझ पड़ता था। तो वहीं मरीज की जान को भी खतरा बना रहता था। अब जरूरत पड़ने पर समय से मरीजों को खून मिल सकेगा।
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