बिधूना। बारिश में जर्जर सड़कों के गड्ढों में भरा पानी ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए हादसे का सबब बन सकता है। विभाग के अधिकारी सड़कों पर गिट्टी और मिट्टी डालकर गड्ढे भर पैचवर्क की खानापूरी कर देते हैं। जिम्मेदार बारिश के बाद सड़कों की मरम्मत की बात कहते हैं। कमलपुर गांव से गणेश पुर्वा तक 13 गांवों को जोड़ने वाली आठ किमी सड़क इसकी गवाही दे रही है। छह माह पूर्व हुआ पैचवर्क बारिश की भेंट चढ़ गया है।
बिधूना-बेला स्टेट हाईवे से रामगंगा नहर पटरी पर कमलपुर गांव से लेकर पुर्वा गणेश कन्नौज जनपद की सीमा तक करीब आठ किलोमीटर तक गपचारियापुर, पुर्वा कुआ, गणेश पुर्वा, जगतपुर, सबहद, बदनपुर, चकरपुर, पुर्वा पसी, वंसई, जरियापुर, उम्मेदपुर, पुर्वा मुग्गपुर समेत 13 गांव हैं। इस सड़क पर छह माह पूर्व पैचवर्क कर सड़क के गड्ढे भरे गए। इन दिनों सड़क गड्ढों में तब्दील है। जो हादसे का कारण बन सकती हैं।
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क्षेत्र के मुख्य मार्ग भी पैचवर्क की हकीकत बयां कर रहे हैं। ग्रामीण राजीव कुमार, संजीव कुमार, विपिन कुमार, धर्मेंद्र सिंह आदि ने बताया कि सड़क पर पुनः पैचवर्क कराया जाए। जिससे सड़क ठीक हो सके। खानापूरी की वजह से सड़क छह माह में फिर से जर्जर हो गई।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के जेई अखिल कुरेशी ने बताया कि इस सड़क का निर्माण कार्य नहर विभाग द्वारा कराया गया। लोक निर्माण विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं है।