दिबियापुर। क्षेत्र के बख्ताबरपुर में झोपड़ी में आग लग गई। आग्निकांड में किसान का हजारों रुपये कीमत का गृहस्थी का सामान जल कर राख हो गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद आपातकालीन नंबर न मिलने से पुलिस और दमकल नहीं पहुंच सकी।
बख्ताबरपुर में महावीर सिंह नायक के पुत्र सुमित नायक की पत्नी ने बेटे को जन्म दिया था। रविवार शाम छठी कार्यक्रम था। छठी के लिए भट्ठी पर खाना बनना शुरू हुआ था। घर और गांव की महिलाएं खाना बना रहीं थीं। इसी बीच अचानक उठी आग की लौ से छप्पर में आग लग गई। छप्पर के नीचे बैठीं महिलाएं बाहर दौड़ पड़ीं।
गांव के लोगों ने आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। गांव निवासी मनोज नायक ने बताया कि कई बार आपातकालीन नंबर 112 और 101 मिलाया गया, लेकिन मिला ही नहीं। इसके बाद दिबियापुर थाना प्रभारी को फोन कर घटना की सूचना दी गई। प्रभारी निरीक्षक भोला प्रसाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
इस बीच ग्रामीणों ने निजी संसाधनों से लगभग डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। छठी कार्यक्रम की तैयारियों के लिए रखा हजारों का सामान, 30 क्विंटल भूसा, गृहस्थी समेत लगभग 50 हजार रुपये कीमत का सामान जलकर राख हो गया। लेखपाल मोहित श्रीवास्तव ने नुकसान का आंकलन किया। घटना के बाद छठी कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।