औरैया। जिले में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगवाने की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी लाखों वाहन नियम को दर किनार कर सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। इनमें काफी संख्या में सरकारी विभागों से जुड़े वाहन भी हैं। इसके बावजूद एचएसआरपी विहीन सिर्फ निजी वाहन ही कार्रवाई की जद में हैं।
देश भर में सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर (रजिस्ट्रशन) प्लेट लगवाने के लिए शासन स्तर से 15 फरवरी समय सीमा तय की गई थी। हालांकि नंबर प्लेट के निर्माण में देरी व अन्य वजहों के चलते समय सीमा दो बार बढ़ाई गई। बावजूद इसके जिले में बिना एचएसआरपी के लाखों वाहन सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं।
अहम बात यह है कि इन वाहनों में बड़ी संख्या में ऐसे वाहन हैं जो या तो सरकारी हैं या फिर सरकारी विभागों से संबद्ध हैं। इन जानकारी परिवहन व यातायात विभाग के अधिकारियों को होने के बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिले के परिवहन विभाग में छोटे व भारी मिलाकर कुल दो लाख 82 हजार 380 वाहन पंजीकृत हैं। इनमें सिर्फ 97 हजार 269 वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगी है। जबकि शेष एक लाख 85 हजार से ज्यादा वाहन अभी भी बिना एचएसआरपी दौड़ रहे हैं।
पंजीकृत व एचएसआरपी लगे वाहनों की संख्या
वाहन प्रकार पंजीकृत एचएसआरपी वाहन
दो पहिया 1,74,125 60179
चार पहिया 15,927 9265
ट्रैक्टर 12931 2978
ट्रक 3572 2016
बस 337 199
ऑटो 3950 1861
टैक्सी 691 328
लोडर, पिकअप आदि लगभग 21 हजार शामिल हैं।
फोटो25एयूआरपी -20- सदर तहसील में खड़ी उप जिलाधिकारी सदर की गाड़ी। संवाद
अधिकारी ही तोड़ रहे नियम तो आम जनता से क्या उम्मीद
सीन - 01
स्थान - सदर तहसील
सदर तहसील में उप जिलाधिकारी की सरकारी गाड़ी में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं है। ऐसे में जब जिले के अधिकारी ही नियमों की अनदेखी करेंगे तो फिर आम जनता से क्या उम्मीद की जा सकती है।
फोटो25एयूआरपी -21 एंबुलेंस में नहीं लगीं हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
सीन - 02
स्थान - 50 शैया युक्त जिला अस्पताल के पास
वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न लगवाने की समस्या केवल निजी वाहन स्वामियों तक ही सीमित ही नहीं है। बल्कि स्वास्थ्य व अन्य सरकारी विभाग भी इससे अछूते नहीं है। पड़ताल के दौरान 50 शैया युक्त जिला के बाहर खड़ी एंबुलेंस में एचएसआरपी नहीं लगी मिली।
बोले जिम्मेदार ---
जिले के लोगों को अपने वाहन में एचएसआरपी लगवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कई वाहनों में अभी भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी हैं। वहीं, बहुत सी सरकारी विभाग से जुड़े वाहनों के पास अन्य जरूरी प्रमाण पत्र भी नहीं है। इन सभी विभागों के अधिकारियों को पत्राचार किया गया है। रेहाना बानो, एआरटीओ, प्रशासन, औरैया।
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का मतलब क्या है
हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट गाड़ी की सुरक्षा और सुविधा के लिए डिजाइन की गई है. यह प्लेट होलोग्राम स्टिकर के साथ आती है. इस पर गाड़ी के इंजन और चेसिस नंबर लिखे होते हैं और यह नंबर प्रेशर मशीन के जरिए लिखे जाते ह। गाड़ी पर फिट करने के लिए नंबर प्लेट में पिन होता है। इस नंबर प्लेट के चस्पा होने से कई बार चालान जैसी कार्रवाई से भी बचा जा सकता है।