फतेहपुर। शहर के मध्य से गुजरे जीटी रोड पर ढाई साल बाद भी डिवाइडर नहीं बन पाया है। इसकी वजह से शहर मध्य लोगों को जाम का सामना करना पड़ रहा है।
लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड ने वित्त वर्ष 2021-22 में शहर के अंदर नऊवाबाग से लेकर लोधीगंज तक जीटी रोड का चौड़ीकरण का काम शुरू किया था। 5.73 किमी लंबे मार्ग को दोनों ओर चौड़ा करके बीच में डिवाइडर बनाना था। काम की लागत 40 करोड़ 62 लाख 96 हजार रुपये थी। सड़क का चौड़ीकरण तो हो गया, लेकिन अभी तक नउवाबाग से डाक बंगले व लोधीगंज से शांतिनगर तक लगभग दो किमी मार्ग पर ही डिवाइडर बन पाए। साढ़े तीन किमी से अधिक पर डिवाइडर अब तक नहीं बना सके हैं। ये सभी काम को मार्च 2024 तक पूरा कर के देना था। शहर के अंदर डिवाइडर न होने के कारण आए दिन लोगों को भीषण जाम से जूझना पड़ रहा है।
जीटीरोड पर शहर के अंदर सदर अस्पताल, बाकरगंज, ज्वालागंज मुख्य चौराहों की सड़क पर डिवाइडर नहीं है। इसकी वजह से सड़क पर दोनों तरफ से वाहनों का आवागमन होता है। इसकी वजह से आए दिन यहां भीषण जमा लगाता है।
एक नजर में डिवाइडर रोड की लागत
-डिवाइडर रोड की लंबाई -5.73 किमी
डिवाइडर रोड की लागत- 40 करोड़ 62 लाख 96 हजार
- निर्माण कार्य शुरू होने की तिथि-अप्रैल 2021
-काम पूरा करने की तिथि-मार्च 2024
कोट्स
जीटीरोड का पूरा काम हो चुका है। डिवाइडर बनाने के लिए 18 मीटर सड़क की आवश्यकता होती है। जहां जहां सड़क 18 मीटर की है, वहां डिवाइडर बना दिया गया है। -एके शील, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड।