बिधूना/रुरुगंज। कुदरकोट थाना क्षेत्र के नगला कले में सोमवार सुबह 102 साल की वृद्धा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। जानकारी पर आए बेटों ने परिवार के लोगों पर जमीन हड़पने के इरादे से हत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज जांच शुरू की है।
नगला कले निवासी फूलमती (102) पत्नी स्व. दयाराम का शव सोमवार सुबह चारपाई पर संदिग्ध हालात में पड़ा मिला। मृतका के पौत्र ने भरथना निवासी चाचा ईश्वर नारायण, अवध नारायण को दादी की मौत की खबर दी। कुछ देर बाद पहुंचे दोनों बेटों ने मां की हत्या किए जाने का आरोप लगाकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जांच पड़ताल कर परिजनों से पूछताछ की। बेटे अवध नारायण ने पुलिस को बताया कि वह मुख्यमंत्री की फ्लीट में तैनात है। उसकी मां फूलमती के नाम 22 बीघा जमीन थी। वह गांव में तीसरे भाई के साथ रहती थीं।
बताया कि तीन साल पहले सात बीघा जमीन बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के निर्माण में चली गई। मुआवजे के तौर पर मिले रुपयों को गांव में रह रहे भाई के लड़के ने अपने सह खाते में जमा करा लिए। कुछ समय पहले भतीजे ने मां की बची हुई 15 बीघा जमीन की वसीयत भी अपने नाम करा ली। जिस पर वह मां को अपने साथ भरथना स्थित आवास पर रहने के लिए ले गया। वहां से कुछ दिन पहले ही मां गांव लौटी थी। दोनों बेटों ने जमीन व पैसे हड़पने के लालच को लेकर मां की हत्या किए जाने की आरोप लगाया है। थानाध्यक्ष मूलेंद्र कुमार ने बताया कि अभी तक परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जमीन को लेकर अक्सर होता था विवाद
फूलमती की मौत के बाद गांव में मौजूद ग्रामीणों में चर्चा रही कि बंटवारे को परिवार के लोगों में विवाद होता रहता था। फूलमती कभी गांव में रहने वाले बेटे के पास तो कभी भरथना में रहने वाले अपने बेटों के पास रहने के लिए चली जाती थी। वहीं, चर्चा रही कि वह बीमार भी चल रही थी। पुलिस का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा।