दिबियापुर। दहेज उत्पीड़न के मामले में विवेचना के दौरान महिला के साथ तीन वर्षों से दुष्कर्म करने के आरोपी दरोगा मृतक आश्रित के तौर पर पुलिस विभाग में लगा था। उसे औरैया जिले में ही पहली तैनाती मिली थी। कम अनुभव होने के कारण विभागीय अधिकारी पेचीदा मामलों की विवेचना देने से कतराते थे। दुर्घटना और पारिवारिक मामलों की विवेचना ही अक्सर उसे सौंपीं जातीं थीं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मूल रूप से हाथरस जिले का निवासी दरोगा मुकेश कुमार मृतक आश्रित के तौर पर लगा था। औरैया जिले में पहली तैनाती मिलने के बाद वह विभिन्न थानों में तैनाती पाया। जून के बाद दिबियापुर थाने में तैनाती होने के कारण वर्तमान में केवल नौ विवेचनाएं आरोपी दरोगा के पास लंबित थीं। इनमें हल्की धाराओं के मुकदमे दरोगा को दिए गए थे। पुलिस विभाग के अनुसार दरोगा के पास चार एक्सीडेंट, दो अवैध तमंचे बरामदगी, एक रुपए गबन, एक मारपीट, एवं एक दहेज उत्पीड़न की विवेचनाएं थीं। अब इन्हें दूसरे दरोगाओं को देने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में सीओ सिटी महेंद्र प्रताप ने बताया कि दहेज उत्पीड़न की विवेचना में दरोगा की ओर से चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अचानक से पीड़िता की ओर से दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को उठाया गया कदम उनके बीच कोई आपसी विवाद रहा होगा। जिसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
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महिला के साथ संबंधों के कारण चर्चा में रहता था दरोगा
वर्ष 2020 में बिधूना कोतवाली में तैनाती के दौरान संपर्क में आने के बाद आरोपी दरोगा ने पीड़िता से कई बार दुष्कर्म किया। विभागीय कर्मी बताते हैं कि कई बार महिला के साथ संबंधों के कारण दरोगा मुकेश अक्सर चर्चा में रहे। दिबियापुर थाने में तैनाती से पहले सहायल थाने में तैनाती के दौरान भी महिला के साथ संबंध अक्सर चर्चा में रहे। इस दौरान महिला द्वारा कोई शिकायत न किए जाने के कारण पुलिस अधिकारियों ने मामला संज्ञान में नहीं लिया। इस दौरान दरोगा विभिन्न थानों में तैनाती के दौरान पीडि़ता के कमरा लेकर अपने साथ रखता रहा।
चार माह पहले बिगड़ गई थी बात
गत 11 अगस्त 2023 को दरोगा मुकेश की पत्नी द्वारा पीडि़ता के बेला क्षेत्र में स्थित पार्लर में आकर मारपीट करने के बाद मामला तूल पकड़ गया। तब पीडि़ता को जानकारी हुई कि दरोगा शादीशुदा है। इसके बाद मामला तूल पकड़ता चला गया। छह सितंबर को भी दरोगा की पत्नी ने पांच अज्ञात व्यक्तियों के साथ पीड़िता के कमरे में आकर धमकाया। बाद में जब दरोगा ने भी पीडि़ता को साथ छोडऩे के लिए धमकाया तो मामला ज्यादा बिगड़ गया। बताते हैं कि पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस अधिकारियों से की, लेकिन पुलिस के कुछ अधिकारी दोनों पक्षों में समझौते के प्रयास में जुट गए। शुक्रवार को मामला पुलिस अधीक्षक चारू निगम के पास पहुंचा तो तत्काल आरोपी दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी कर ली गई।
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अब लटकी बर्खास्तगी की तलवार
दिबियापुर। पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने आरोपी दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जिस तेजी से गिरफ्तारी के निर्देश दिए। माना जा रहा है कि आगे आरोपी के खिलाफ और सख्त कार्रवाई हो सकती है। पुलिस अधिकारियों की मानें तो दरोगा पर बर्खास्तगी की तलवार लटकनी शुरू हो गई है। सीओ महेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि विवेचना प्रचलित है। यदि विवेचना के दौरान आरोपों की पुष्टि होती है तो आगे संबंधित विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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लग्जरी गाड़ी से चलना बना था शौक
थाना दिबियापुर में तैनात दरोगा मुकेश द्वारा बड़ी और लग्जरी गाड़ी का प्रयोग खासा चर्चा में रहता था। वह अक्सर बड़ी और लग्जरी गाड़ी का प्रयोग करता था। हालांकि दरोगा कहता था कि उसके पास पैतृक संपत्ति है और वह इसी संपत्ति से अपने शौक पूरे करता है।
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पीड़िता का मोबाइल नंबर आरोपी दरोगा के नाम पर दर्ज
तीन वर्षों में दरोगा मुकेश की बिधूना कोतवाली क्षेत्र निवासी महिला से नजदीकियां इस कदर बढ़ीं कि कई लोग दरोगा और पीडि़ता को पति पत्नी के रूप में जानने लगे। यहां तक कि पीडि़ता द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में दर्ज मोबाइल नंबर को जब सर्च किया गया तो वह भी आरोपी दरोगा के नाम पर दिखा। पुलिस कर्मियों का मानना है कि आरोपी दरोगा ने ही मोबाइल सिम पीडि़ता को दिलवाई होगी। हालांकि पुलिस अधिकारी विवेचना में सभी तथ्य स्पष्ट होने की बात कहते नजर आए।