औरैया। सूखे के हालात परखने के लिए जिला प्रशासन ने टीमें गठित कर सर्वे शुरू करा दिया है। एक हफ्ते में जिले से रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। शनिवार को एडीएम समेत कृषि विभाग और तहसील के अधिकारियों ने कई गांवों में सर्वे किया।
इस वर्ष जून, जुलाई व अगस्त माह में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। जिससे सूखे के हालात बन गए हैं। इसके चलते सूखे का असर खरीफ की खेती पर पड़ने लगा है। अधिकांश इलाकों में धान की रोपाई भी किसानों ने काफी कम की है। हालांकि इसी बीच किसानों ने खरीफ के फसलों की बुआई बारिश की अच्छी उम्मीद के साथ की थी। जिन खेतों में बुआई हुई थी, वह तेज धूप व गर्मी के कारण फसलें सूख गईं।
खासकर ज्वार, बाजरा, मक्का, अरहर आदि की फसलें काफी प्रभावित हुई हैं। जिला कृषि अधिकारी की मानें तो बारिश काफी कम होने के कारण जिले में खरीफ की 20 फीसदी बुआई भी कम हुई है। इसके अलावा जो फसलें खेतों में हैं, वह भी बारिश के अभाव में प्रभावित हो रही हैं। जिला कृषि अधिकारी की ओर से यही रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। अब शासन ने सूखे का सर्वे कर रिपोर्ट मांगी है।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रेखा एस. चौहान की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टीम बनी है। इसमें जिला कृषि अधिकारी, कृषि उप निदेशक व जिला उद्यान अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा औरैया, अजीतमल व बिधूना एसडीएम की अध्यक्षता में टीम बनाई गई है। इसमें तहसीलदार, संबंधित ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी कृषि, कृषि रक्षा व सभी लेखपाल हैं।
12 सितंबर तक रिपोर्ट तैयार कर 13 सितंबर को शासन भेज दी जाएगी। शनिवार को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने उप कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार वर्मा के साथ औरैया व बिधूना तहसील क्षेत्र के ककोर, सौंथरा, बांधमऊ आदि गांवों का निरीक्षण कर धान, बाजरा, अरहर, मक्का आदि फसलों का निरीक्षण किया। एडीएम वित्त एवं राजस्व रेखा एस. चौहान ने कहा कि इस वर्ष औसत बारिश हुई है। जिससे खरीफ की खेती पर प्रभाव पड़ा है। शासन के निर्देश पर सूखे के सर्वे काम चल रहा है। जिला स्तर व तहसील स्तर पर टीमें सर्वे कर रही हैं। 13 सितंबर तक शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।