औरैया। बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी। शुक्रवार की रात का मौसम खेत में खड़ी गेहूं की फसल के लिए मुसीबत बन गया। तेज हवा के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल खेतों में ही बिछ गई। इससे किसानों के अरमानों पर भी पानी फिर गया। किसान अब मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। इधर, प्रशासन ने आकलन के लिए सर्वे कराकर मुआवजा दिए जाने की बात कही है।
तकरीबन 20 दिनों पहले हुई बारिश से किसानों की सरसों, आलू के साथ गेहूं व जौ की फसलों को नुकसान हुआ था। किसान इससे उभर भी नहीं पाए थे कि शुक्रवार की रात हुई बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। रात 11 बजे से शुरू हुई बारिश व तेज हवाओं ने अयाना क्षेत्र के भौंतापुर, जसंवतपुर, सेंगनपुर, असेवा, असेवटा, रमपुरा समेत 40 गांवों में गेहूं की फसल को खेतों में बिछा दिया। वहीं, फफूंद क्षेत्र में बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से फसलों के ज्यादा नुकसान की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा, बिधूना, दिबियापुर, ऐरावकटरा, अजीतमल, अछल्दा में बारिश से नुकसान हुआ।
सेंगनपुर के किसान देवेंद्र त्रिपाठी, हदयनारायन त्रिपाठी, हरी सिंह, रामनरेश का कहना है कि इस बारिश से गेहूं का दाना काला हो जाएगा और उत्पादन भी कम हो जाएगा। इसके साथ ही जहां गेहूं की कटाई शुरू हो गई है। वहां भी फसलों में नुकसान की आशंका है। कृषि विज्ञान केंद्र ग्वारी में शुक्रवार रात पांच मिलीलीमीटर बारिश दर्ज की गई।