औरैया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सदर ब्लॉक के तीन परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। नंदगांव विद्यालय में ताला बंद मिलने और विद्यालय में उपले जमा देख नाराजगी जताकर प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया। वहीं, देर से पहुंचने व छात्र संख्या कम मिलने पर पांच शिक्षकों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
बीएसए अनिल कुमार ने सोमवार को सदर ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय नंदगांव का नौ बजे निरीक्षण किया। विद्यालय में ताला लटका मिला। विद्यालय के बाहर दो छात्राएं हर्षिता, कंचन खड़ी मिलीं। करीब सवा नौ बजे विद्यालय की सहायक अध्यापिकाएं शीला मिश्रा व उमा मिश्रा विद्यालय पहुंची। जबकि प्रधानाध्यापक आशुतोष यादव अनुपस्थित मिले। बीएसए को विद्यालय परिसर में गंदगी मिली। परिसर में गोबर के उपले जमा मिले। देर से पहुंची शिक्षिकाओं से जवाब तलब करते हुए बीएसए ने जानकारी चाही तो वह सही जवाब नहीं दे सकी। इस पर बीएसए ने दोनों शिक्षिकाओ से स्पष्टीकरण तलब करते हुए प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया।
बीएसए ने बताया कि इससे पहले वह 8:50 बजे उच्च प्राथमिक विद्यालय जरुहौलिया पहुंचे थे। यहां पर विद्यालय में पंजीकृत 85 में से मात्र तीन बच्चे ही उपस्थित मिले। प्रधानाध्यापक शबनम बेगम उपस्थित मिली, जबकि शिक्षक प्रकाश नारायन, रेनूवाला, शिक्षामित्र सविता व श्रद्धा अनुपस्थित पाए गए। ग्रामीणों ने विद्यालयों में शिक्षकों के समय से न आने की शिकायत दर्ज कराई। गांव के लोगों का कहना है कि यहां शिक्षकों के समय न आने पर बच्चे नहीं आते है। शिक्षा व्यवस्था को लेकर गांव के लोगों ने विरोध भी जताया। बीएसए ने प्रधानाध्यापक समेत सभी शिक्षकों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
प्राथमिक विद्यालय भगौतीपुर में 9:45 बजे किए गए निरीक्षण में पंजीकृत 67 में 19 बच्चे उपस्थित मिले। एक से कक्षा पांच तक के बच्चे एक ही कक्षा में बैठे थे। शिक्षक कमला यादव, माधुरी व अंबिका यादव आपस में चर्चा करती मिली। बीएसए ने नाराजगी व्यक्त कर प्रधानाध्यापक को सभी कक्षा के बच्चों को अलग-अलग बैठा कर शिक्षण कार्य करने के निर्देश दिए। बीएसए ने बताया कि शिक्षा व्यवस्था सुधार को लेकर लगातार निरीक्षण किया जाएगा। जिन स्कूलों में अनियमितता मिल रही है, वहां पर जवाब आने के बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी।