औरैया। फफूंद नगर पंचायत की ओर से तीन वर्ष पूर्व बनाया गया कूड़ा निस्तारण केंद्र इन दिनों सफेद हाथी बना खड़ा है। संचालन न होने से शासन की मंशा अधूरी है। इसके पीछे की वजह तत्कालीन अधिकारी भी है। बिना सोचे समझे भवन निर्माण करा दिया गया। बगल से निकली हाईटेंशन लाइन खतरे का अंदेशा जता रही है। जबकि कनेक्शन को लेकर तीन सौ मीटर के दायरे में कोई बिजली की लाइन भी नहीं है।
शासन स्तर से स्वच्छता सर्वेक्षण के मानकों में कूड़े के निस्तारण पर विशेष जोर है। यही वजह है कि फफूंद नगर पंचायत की ओर से वर्ष 2019 में गांव जैतपुर डेरा में एमआरएफ सेंटर का निर्माण शुरू कराया गया। नगर पंचायत के अधिकारियों की माने तो बिजली कनेक्शन के अभाव में एमआरएफ सेंटर का संचालन रुका है। लेकिन इसके पीछे और भी कई वजह हैं।
जल्दबाजी में हुए भवन निर्माण में बगल से निकली हाईटेंशन लाइन पर ध्यान ही नहीं दिया गया। यहां तक कि मशीनों के संचालन को लेकर बिजली की उपलब्धता के लिए आसपास कोई बिजली लाइन भी नहीं है। सड़क के दूसरे छोर पर 300 मीटर की दूरी पर बिजली का पोल है। बिजली कनेक्शन का आवेदन हो चुका है। तीन से चार माह होने जा रहे हैं।
कनेक्शन मिल नहीं पा रहा। साल दर साल बीतते जा रहे हैं। ईओ विनय शुक्ला के अनुसार जल्द ही एमआरएफ सेंटर का संचालन शुरू कराया जाएगा। कनेक्शन को लेकर जद्दोजहद चल रही है।
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फफूंद में बने एमआरएफ सेंटर को जल्द शुरू कराया जाएगा। जो भी दिक्कतें आ रहीं है उन्हें दूर कराया जाएगा। - महेंद्र पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व