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Auraiya News: 39 लाख से बना एमआरएफ सेंटर बंद, डंप हो रहा कूड़ा

Wed, 29 Nov 2023 12:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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हरदोई। संसाधन जुटाए न संचालन की व्यवस्था, 39-39 लाख की लागत से निर्मित मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर शोपीस बनकर रह गए हैं। शाहाबाद और संडीला नगर पालिका परिषद के जिम्मेदारों एमआरएफ को ट्राॅयल के बाद अधिकारियों के भ्रमण के समय संचालन की व्यवस्था जुटा रखी है। संडीला में एमआरएफ सेंटर तक जाने वाले रास्ता को संचालन में बाधा माना जा रहा है तो, शाहाबाद में कर्मचारी के अवकाश पर होने का हवाला दिया जा रहा है।
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नगरीय निकायों में घरों से लेकर सार्वजनिक स्थलों से निकलने वाले कूड़ा निस्तारण और कूड़ा से काम लायक सामग्री को जुटाने के लिए 5-5 टन कूड़ा प्रतिदिन निस्तारण की क्षमता के एमआरएफ सेंटर बनवाए गए हैं। वैसे तो यहां पर 13 के 13 सभी निकायों में एमआरएफ बने हुए हैं लेकिन, हकीकत में न तो कूड़ा निस्तारण हो रहा है और न ही सामग्री जुटाई जा पा रही है।



नगर पालिका परिषद शाहाबाद के 25 वार्डों से प्रतिदिन 26.10 टन और नगर पालिका परिषद संडीला के 25 वार्डों से 21.00 टन कूड़ा प्रतिदिन निकलता है। निकाय के जिम्मेदारों ने शासन को भी कूड़ा निकलने की यही रिपोर्ट भेजी है।
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संडीला में एमआरएफ तक जाने वाला रास्ता तक सही नहीं हैं। सेंटर में पांच-पांच टन कूड़ा निस्तारण प्रतिदिन की क्षमता वाली मशीनें तो लगी हैं लेकिन, वह अधिकारियों के भ्रमण के समय ही चलाई जाती हैं और कूड़ा निस्तारण दिखाकर निकाय के जिम्मेदार अपनी पीठ थपथपा लेते हैं। नियमित रूप से संचालन की निकाय को ही स्वयं दोनों ही निकायों के एमआरएफ सेंटर परिसर में कूड़ा डंप जरूर कराया जा रहा है। इससे परिसर में बड़ी मात्रा में कूड़ा पड़ा हुआ दिखाई देता है जबकि निस्तारण की स्थिति बताने से जिम्मेदार कतराते रहते हैं। नगर पालिका परिषद शाहाबाद के सफाई निरीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि कर्मचारी के अवकाश पर होने के कारण एमआरएफ बंद चल रहा है।



संडीला और शाहाबाद में एक-एक और बनेगा एमआरएफ

नगर विकास विभाग की ओर से स्वच्छ भारत मिशन नगरीय की ओर से 5-5 टन कूूड़ा प्रतिदिन निस्तारण क्षमता के एक-एक और एमआरएफ की स्थापना की स्वीकृति जारी की गई है। एक एमआरएफ पर 39 लाख का खर्च आएगा। इसमें से शासन की ओर से 33.67 लाख रुपये दिए जाते हैं। शेष राशि संबंधित निकाय को राज्य वित्त आयोग व स्वयं की निधि से लगानी होती है।





रास्ता खराब होने के कारण कर्मचारियों को आने-आने में दिक्कतें हो रहीं हैं, इस वजह से एमआरएफ सेंटर बंद है। जल्द ही रास्ता की समस्या का समाधान कराते हुए संचालन कराया जाएगा। - विजेता गुप्ता, अधिशासी अधिकारी
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