अजीतमल। विश्वकर्मा जयंती पर भगवान विश्वकर्मा की शोभायात्रा धूमधाम से निकाली गई। यात्रा में कस्बे के काफी संख्या में लोग एकत्र हुए। बाबरपुर से निकली यात्रा अजीतमल तक पहुंची।
लोगों ने जगह-जगह यात्रा का भव्य स्वागत किया। इसके बाद प्रसाद वितरण कर भगवान विश्वकर्मा के बताए हुए रास्ते पर चलने की नसीहत दी गई।
विश्वकर्मा समाज सेवा समिति की ओर से भगवान की पूजा अर्चना कर बाबरपुर कस्बे के एक गेस्ट हाउस से आयोजक केके ओझा के नेतृत्व में शोभायात्रा निकाली गई।
आयोजक ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा किसी एक समाज के न होकर सभी के आदर्श हैं। उन्हें किसी समाज या वर्ग से नहीं बांधा जा सकता है। कहा कि लड़का पढ़ता है, तो एक घर में रोशनी होती है। लड़की पढ़ती है, तो दो घरों को रोशन करती है।
उन्होंने बेटियों को पढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि संस्कार की जननी माता को ही कहा जाता है। शोभायात्रा में बच्चे विभिन्न रूपों में सज कर रथ पर सवार हुए, जो झांकी की शोभा बढ़ाते नजर आए। बैंड-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा अजीतमल होकर वापस गेस्ट हाउस पहुंची।
यात्रा में लोग भगवान विश्वकर्मा के जयकारे लगाते रहे। सुरक्षा के लिए शोभायात्रा में पुलिस बल मुस्तैद रहा। इस दौरान हरि गोविंद शर्मा, दयाराम शर्मा, अनिल कुमार विश्वकर्मा, महेश शर्मा, राजेंद्र शर्मा, शिव नारायण विश्वकर्मा, जितेंद्र कुमार, विनोद, राकेश, श्याम सुंदर आदि मौजूद रहे।