अजीतमल। क्षेत्र में नहर स्थित दो वन पौधशालाओं में वन विभाग की ओर से पौध रोपण कार्यक्रम के लिए निराई गुड़ाई कर नर्सरी तैयार करने का काम चल रहा है। जिसमें काम करने वाले मजदूरों को पिछले छह माह से मजदूरी न मिलने से वह व उनका परिवार भुखमरी की कगार पर हैं। वन विभाग के अधिकारियों के चक्कर काटकर परेशान हो चुके मजदूरों ने गुरुवार को पौधशाला पहुंचकर हंगामा काटा। पीड़ित मजदूरों ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है।
गुरुवार को अजीतमल नहर स्थित दो पौध शालाओं में लगभग एक दर्जन से अधिक काम करने वाले मजदूरों ने नर्सरी पहुंचकर छह माह से मजदूरी का रुपया न मिलने पर हंगामा काटा। इन मजदूरों में अधिकतर महिलाएं हैं। मजदूरी न मिलने से परेशान राजेश्वरी, मिथलेश, सावित्री, ऊषा, नारायणी, केशकली, राजकुमारी, सीमा, मालती, सरोज, व्रह्वती, गुड्डी, सुनीता, हरगोविंद, बरनाम, बृजकिशोर, सुरेंद्र,और चंद्रवीर ने आरोप लगाया है कि वह कई वर्षों से वन विभाग की नर्सरी पर मजदूरी करते आ रहे है। इस बार जुलाई माह से अभी तक किसी को कोई मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। जिससे हमारे बच्चों की पढ़ाई लिखाई प्रभावित हो रही है। साथ ही परिवार भुखमरी के कगार पर है। संबंधित अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी अभी तक कोई भुगतान नहीं कराया गया है। मजदूरों ने बताया कि हम सभी ने हस्ताक्षर करके प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी को डाक से भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। इस संबंध में रेंजर धर्मवीर सिंह ने बताया की उनके संज्ञान में मामला नहीं है। जानकारी करने के बाद समस्या का समाधान किया जाएगा।