दिबियापुर। अखिल भारतीय किन्नर समाज सम्मेलन का चार दिवसीय आयोजन शनिवार को माता रानी की कलश यात्रा के साथ समापन हुआ। विभिन्न प्रदेशों से जुटे किन्नर समाज के लोग विभिन्न गानों पर नाचते गाते सड़कों पर गुजरे। स्थानीय व्यापारियों एवं समाजसेवी संगठनों ने कलश यात्रा का पुष्प वर्षा करके स्वागत किया।
शनिवार को फफूंद रोड स्थित गेस्ट हाउस से कलश यात्रा की शुरुआत हुई। रथों पर सवार बड़े बुजुर्ग और युवा किन्नर राहगीरों एवं व्यापारियों को फूल आदि देकर आशीर्वाद देते नजर आए। फिल्मी गानों पर समाज के लोग झूमे। विभिन्न प्रमुख रास्तों से होकर गुजरे किन्नर समाज के लोगों पर स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा की। श्री बाबा परमहंस धाम में चंदा नायक किन्नर ने घंटा चढ़ाया। यहां पर विभिन्न धर्म अनुष्ठान के बाद बकेवर की सोनिया बाई एवं मिहौना मध्य प्रदेश की सोना बाई ने सिर पर चांदी का कलश उठाया। इसके बाद कलश यात्रा विभिन्न रास्तों पर होकर गुजरी। थाने के सामने स्थित श्रीराम मंदिर में भी घंटा चढ़ाया गया। बाद में फफूंद रोड स्थित गेस्ट हाउस पर कलश यात्रा का समापन हुआ। भगवतीगंज में व्यापारी नेता राजा भैया सोनी ने फफूंद चौराहे पर चेयरमैन राघव मिश्रा, थाने के सामने पूर्व चेयरमैन अरविंद पोरवाल, श्रीराम मंदिर पर सपोर्टिंग हैंड्स फाउंडेशन संस्था के पदाधिकारियों ने कलश यात्रा का पुष्पवर्षा एवं स्वल्पाहार के साथ स्वागत किया।
सम्मेलन की आयोजक चंदा नायक ने बताया कि चार जुलाई को देवी देवताओं की पूजा की गई। इसके बाद उनकी दाद गुरु (गुरु की गुरु) शांति अम्मा एवं गुरु हसीना बाई की बरसी का आयोजन हुआ। तीन दिनों तक विभिन्न कार्यक्रमों के बाद शनिवार को बहुचरा मातारानी (बगलामुखी) की कलश यात्रा निकाली गई। बताया कि इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, गुजरात, कोलकाता, मध्य प्रदेश आदि प्रदेशों से किन्नर समाज के चार सैकड़ा से अधिक लोग सम्मिलित हुए। इस दौरान चंदारानी, चांदनी नायक, सपना बाई, किरन नायक, रूबी नायक, दिव्या नायक, काजल नायक, शिवन्या बाई आदि मौजूद रहे।