संवाद न्यूज एजेंसी
अजीतमल। कोतवाली क्षेत्र के प्रतापपुर में गुरुवार को हुई विवाहिता की मौत के मामले में शुक्रवार को चचेरे भाई ने पुलिस को तहरीर दी थी। पुलिस ने सगे संबंधी के हाथों तहरीर मिलने की बात कह कर उसे कोतवाली से भगा दिया था। मामले में शनिवार को कोतवाली पहुंची मृतका की मां ने पति समेत पांच नामजदों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है।
कानपुर देहात के मंगलपुर थानाक्षेत्र फरीदपुर निवासी सोनकली ने शनिवार को अजीतमल पुलिस को तहरीर दी। बताया कि बेटी आरती की शादी वर्ष 2011 में प्रतापपुर निवासी दीपक बाबू के साथ हुई थी। बेटा न होने की वजह से उसने अपनी जमीन सातों बेटियों में बांट दी थी। ससुरालीजन बेटी पर जमीन बेंचने का दबाव बनाते थे। जमीन न बेंचने पर बीते गुरुवार को पति दीपक बाबू, ससुर बालिस्टर, सास, देवर शिववीर व ननद चंद्रप्रभा ने उसकी हत्या कर दी। मामले में शुक्रवार को मृतका का चचेरा भाई श्रीबाबू निराला मामला दर्ज करवाने के लिए कोतवाली पहुंचा था। जहां पुलिस ने उसे मृतका का सगा न होने की वजह से बिना तहरीर लिए कोतवाली से भगा दिया था। बता दें कि बीते गुरुवार को दीपक बाबू अपनी पत्नी आरती को संदिग्ध हालातों में सीएचसी अजीतमल ले गया था। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर घटना की जानकारी पुलिस को दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया था। कोतवाली के एसएसआई गंगादास गौतम ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।