संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह ने लगभग दो साल पुराने महिला थाना औरैया में पंजीकृत मामले के नामजद आरोपी को नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने का दोषी माना। इस मामले में कोर्ट ने दोषी को आजीवन कारावास तथा पचास हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। आरोपी पर शादी का झांसा देकर पीड़िता से शारीरिक संबंध बनाने व उससे शादी न करने का आरोप है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी अभिषेक मिश्रा व विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने बताया कि 18 अगस्त 2021 को पीड़िता के पिता ने महिला थाना औरैया में यह मामला पंजीकृत कराया। रिपोर्ट में वादी ने लिखा कि उसकी पुत्री से गांव सिखौला थाना औरैया निवासी विकास यादव का प्रेम प्रसंग चल रहा था। विकास उसकी पुत्री से शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाता रहा। जिससे उसकी पुत्री गर्भवती हो गई। वर्तमान में उसकी पुत्री नौ माह की गर्भवती है। विकास अब मेरी पुत्री से शादी करने से इंकार कर रहा है। शिकायत पर महिला थाना में दुष्कर्म व पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा लिखा गया।
पुलिस ने विवेचना कर विकास के विरूद्ध कोर्ट में चार्जशीट प्रस्तुत की। यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह की कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने बहस की, कि शादी का झांसा देकर पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए गए। जिससे पीड़िता एक बेटी की मां बन गई। पुलिस ने डीएनए परीक्षण कराया, तो रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि पीड़िता के जन्मी बेटी का पिता अभियुक्त विकास ही है।
दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद एडीजे मनराज सिंह ने अभियुक्त विकास यादव को दुष्कर्म व पॉक्सो अधिनियम का दोषी माना। तथा उसे आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। उस पर 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड अदा न करने पर उसे एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। कोर्ट ने प्रस्तुत मामले में जमा कराई गई अर्थदंड की धनराशि में से 50 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को चिकित्सीय व्ययों एवं पुनर्वास की पूर्ति के लिए देने का भी आदेश दिया है।